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डाउनलोड करेंइंदौर। ऑपरेशन मच्छी बाजार के तहत मकानों को तोड़ने का कार्य सोमवार सुबह से शुरू हो गया। 8 पोकलेन, 10 से ज्यादा जेसीबी, डंपर और भारी पुलिस बल के बीच करीब 200 निगम अमला कार्रवाई में शामिल है। यह कार्रवाई सरवटे-गंगवाल बस स्टैंड रोड चाैड़ीकरण के लिए की जा रही है। बता दें कि कुछ समय पहले निगम ने यह आॅरेशन शुरू किया था, जिसके खिलाफ 350 से ज्यादा परिवार सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी खारिज होने के बाद निगम ने फिर से यह कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के पहले ही अपने मकान तोड़ने लगे लोग
- आॅपरेशन मच्छी बाजार में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद लोगों ने खुद ही अपने मकान तोड़ने शुरू कर दिए थे। सोमवार सुबह जब भारी बल मच्छी बाजार क्षेत्र में पहुंचा तो लोग अपने घर तोड़ते दिखे। लोगों को कार्रवाई में मदद करता देख निगम अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों को उनकी मदद में लगा दिया। सामान निकालने के बाद निगम ने उनके घरों पर बुलडोजर चलनी शुरू की। कारवाई के पहले एहतियात के तौर पर पुलिस-प्रशासन ने मच्छी बाजार में प्रवेश के सभी रास्ते बंद कर दिए थे। सभी मार्गों पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
ऑपरेशन मच्छी बाजार की क्यों पड़ी जरूरत, और क्या होंगे फायदे
जवाहर मार्ग पर एक नजर
- 3 किमी में जुड़ते हैं 44 रास्ते।
- 22 प्रमुख बाजार, 18 क्रॉसिंग।
- 300 कॉलोनियों का रास्ता।
- राजबाड़ा, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन का सीधा संपर्क।
- बाफना, सिटी नर्सिंग होम, जिला अस्पताल सहित 8 से ज्यादा अस्पतालों तक जाने का रास्ता।
- 2009 में 83 हजार वाहन गुजरते थे हर दिन। इनमें 36027 दोपहिया, 28155 कार/जीप, 690 बसें और 18675 स्लो मूविंग व्हीकल।
- 2018 में 4 लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं हर दिन। इनमें 3.50 लाख दोपहिया, 15 हजार कार/जीप व 25 हजार से ज्यादा स्लो मूविंग व्हीकल। 10 मिडी बसें व 1800 मैजिक वैन।
अभी राजकुमार ब्रिज का ही विकल्प मौजूद
- अभी पूर्वी और पश्चिमी शहर को जोड़ने के लिए शास्त्री, पटेल, राजकुमार ब्रिज का ही विकल्प मौजूद है। पटेल ब्रिज मतलब जवाहर मार्ग। जवाहर मार्ग इस वक्त शहर के टॉप तीन सबसे व्यस्त रोड में से है। यहां जाम कम करने के सारे उपाय फेल हो चुके हैं। जवाहर मार्ग की वैकल्पिक रोड जूनी इंदौर होते हुए गंगवाल बस स्टैंड तक बनने से पूर्व और पश्चिम को जोड़ने का नया विकल्प मिलेगा। इससे जवाहर मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा। ट्रैफिक सुगम बनेगा।
जवाहर मार्ग का 60% ट्रैफिक होगा डायवर्ट, जाम से बचेंगे लोग
- चंद्रभागा और जूनी इंदौर पुल बनने से जवाहर मार्ग का ट्रैफिक कम होगा।
- धार रोड, चंदन नगर, जिला अस्पताल, राज मोहल्ला, एरोड्रम रोड, फूटी कोठी, अन्नपूर्णा रोड की 200 से ज्यादा कॉलोनियों के वे लोग, जिन्हें सीधे सरवटे बस स्टैंड, गंगवाल बस स्टैंड, एबी रोड, रेलवे स्टेशन, यूनिवर्सिटी या पूर्वी शहर में कहीं भी जाना होगा तो वे नए मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।
- लोग ट्रैफिक जाम में नहीं फंसेंगे। इससे उनका समय बचेगा और ईंधन का खर्च भी कम होगा।
- सियागंज में जो व्यापारी वर्ग या ग्राहक पश्चिम और दक्षिण शहर से आते हैं, उन्हें राहत मिलेगी।
सड़क चौड़ी होने से रहवासी खुद खोल सकेंगे दुकानें, शोरूम
- रोड चौड़ी हुई तो यहां ट्रैफिक आएगा। नया बाजार भी विकसित होगा। इस हिस्से में व्यापार बढ़ेगा।
- 80 फीट चौड़ी सड़क बनने के बाद रहवासी अपनी दुकानें खोल सकेंगे। अभी यहां वाहन चालक जाने से कतराते हैं। रोड बनने के बाद पार्किंग समस्या भी खत्म होगी।
- दो प्रमुख बस स्टैंड सीधे जुड़ जाएंगे। आसपास की छोटी सड़कों पर भी कई उद्योग, दुकानें और गोडाउन बनेंगे।
- फुटपाथ बनने से पैदल चलने वालों को भी आसानी होगी।
- हरसिद्धि में बनने वाले उद्यान का उपयोग जूनी इंदौर और हरसिद्धि के साथ पूरा मध्य क्षेत्र कर सकेगा।
सुरक्षा और सुविधा मिलेगी
- सड़क 60 और 80 फीट चौड़ी होगी तो फायर ब्रिगेड का पहुंचना सहज हो जाएगा। नर्मदा, सीवरेज की पुरानी लाइनें बदलेंगी तो आए दिन की परेशानियों से निजात मिलेगा। जूनी इंदौर टापू की तरह बसा हुआ इलाका है। उसके शहर से जुड़ने वाले तीन प्रमुख रास्ते खान नदी (चंद्रभागा, हाथीपाला, जूनी इंदौर मुक्तिधाम) के पुल से होकर गुजरते हैं, जो एक-डेढ़ इंच बारिश में भी बंद हो जाते थे। अब वहां पुल और नई सड़कें बनने से 100 साल पुरानी ये समस्या खत्म हो जाएगी।
अंदर तक पहुंच सकेंगी एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां
- जूनी इंदौर क्षेत्र हो या बंबई बाजार के पीछे का हिस्सा। यहां की संरचना ऐसी है कि यहां जरूरत पड़ने पर अंदर एंबुलेंस तक नहीं जा पाती। आग लगने पर फायर ब्रिगेड को भी यही परेशानी आती है। सड़क के बनने से वहां के रहवासियों की सुरक्षा बढ़ जाएगी।
- पुलिस का मूवमेंट मुख्य सड़क होने से बढ़ेगा तो ड्रग माफिया, जुए, सट्टे के अड्डे भी समाप्त होंगे।
- पंढरीनाथ से गंगवाल बस स्टैंड तक का हिस्सा स्मार्ट सिटी एरिया में शामिल है। सड़क बनने से मौजूदा बिजली के तारों का जंजाल खत्म होगा, ड्रेनेज लाइन भी दुरुस्त होगी।
- फुटपाथ, पार्किंग की सुविधाएं मिलेंगी।
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