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महंगे पेट्रोल-डीजल से जनता गुस्से में, सरकार इन्हें जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं लाती: चिदंबरम

चिदंबरम ने कहा- आगे महंगाई और बढ़ेगी, रेपो रेट में इजाफा इसका सबूत है।

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2018, 02:46 PM IST
चिदंबरम ने कहा कि जब ज्यादातर राज्यों में भाजपा की सरकार है तो केंद्र सरकार, राज्यों को दोष क्यों दे रही है?- फाइल चिदंबरम ने कहा कि जब ज्यादातर राज्यों में भाजपा की सरकार है तो केंद्र सरकार, राज्यों को दोष क्यों दे रही है?- फाइल

  • पी चिदंबरम का कहना है कि जीएसटी से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ
  • कहा- नोटबंदी की वजह से विकास दर 1.5% गिर गई

नई दिल्ली. पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर सोमवार को हमला बोला। चिदंबरम ने कहा कि महंगे पेट्रोल, डीजल को लेकर देशभर में गुस्से का माहौल है। आगे महंगाई दर बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है जिससे जनता पर बोझ बढ़ेगा। उधर, मोदी सरकार की खराब विदेश नीतियों की वजह से दूसरे देशों के साथ कारोबारी रिश्ते प्रभावित हुए हैं।

चिदंबरम ने कहा- महंगे पेट्रोल-डीजल की कोई वजह नहीं

- पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का कहना है कि, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के रेट जानबूझकर फिक्स करने से देशभर में गुस्सा है। मई-जून 2014 की तुलना में आज रेट ज्यादा क्यों हैं, इसकी कोई वजह नहीं है। सरकार जनता का शोषण कर रही है।

केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए
- चिदंबरम ने कहा कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर रेट कम होंगे। ज्यादातर राज्यों में जब भाजपा की सरकार है तो फिर राज्यों को दोष क्यों दिया जा रहा है? भाजपा बहुमत में है, सरकार को इस पर फैसला लेना चाहिए।

महंगाई बढ़ेगी, जनता पर मार पड़ेगी
- पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि महंगाई बढ़ रही है, महंगाई दर का अनुमान भी ऊंचा है। कुछ दिन पहले रेपो रेट में इजाफा इसका पर्याप्त सबूत है। ब्याज दरें बढ़ाकर उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर बोझ डाला जाएगा।

किसानों की हालत खराब
- चिदंबरम ने कहा कि किसानों का गुस्सा सड़क पर आ गया है। कृषि उत्पादों का कम भाव और मजदूरी नहीं बढ़ना इसकी बड़ी वजह है। फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर्याप्त नहीं है। एमएसपी में सालाना बढ़ोतरी में सरकार कंजूसी कर रही है।

जीएसटी में खामियों से कारोबारी परेशान
चिदंबरम का कहना है कि जीएसटी से कारोबारियों को परेशानी हो रही है। जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 अभी तक नहीं लाए गए हैं। अस्थाई तौर पर जीएसटीआर फॉर्म 3 बी से काम चलाया जा रहा है जो गैरकानूनी है।

4 साल में ग्रॉस एनपीए 10,30,000 करोड़ हुआ
चिदंबरम के मुताबिक ग्रॉस एनपीए 2,63,000 करोड़ से बढ़कर 10,30,000 करोड़ हो गया है, आगे इसमें और भी इजाफा होगा। इंडस्ट्री की क्रेडिट ग्रोथ 5.6% से घटकर 0.7% रह गई है।

सालाना 2 करोड़ रोजगार के वादे का क्या हुआ ?
- पूर्व वित्त मंत्री के मुताबिक बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। श्रम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि हर तिमाही में सिर्फ कुछ हजार की संख्या में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। सरकार ने अच्छे दिनों का वादा करते हुए सालाना 2 करोड़ लोगों को रोजगार की बात कही थी। लेबर ब्यूरो के अक्टूबर-दिसंबर 2017 के आंकड़े जारी क्यों नहीं किए गए ?

पेट्रोल पर 19.48 और डीजल पर 15.33 रुपए एक्साइज ड्यूटी लगती है।- फाइल पेट्रोल पर 19.48 और डीजल पर 15.33 रुपए एक्साइज ड्यूटी लगती है।- फाइल
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चिदंबरम ने कहा कि जब ज्यादातर राज्यों में भाजपा की सरकार है तो केंद्र सरकार, राज्यों को दोष क्यों दे रही है?- फाइलचिदंबरम ने कहा कि जब ज्यादातर राज्यों में भाजपा की सरकार है तो केंद्र सरकार, राज्यों को दोष क्यों दे रही है?- फाइल
पेट्रोल पर 19.48 और डीजल पर 15.33 रुपए एक्साइज ड्यूटी लगती है।- फाइलपेट्रोल पर 19.48 और डीजल पर 15.33 रुपए एक्साइज ड्यूटी लगती है।- फाइल
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