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पायगुटी चयन प्रक्रिया से हुआ पहान का चयन, धानी बने कालेट गांव के नए पहान

एक वर्ष पहले
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तपकारा के कालेट ग्राम में आयोजित सभा के दौरान पहान का चयन किया गया। वर्षो से चली आ रही ग्राम प्रधान चयन की परंपरागत प्रक्रिया पायगुटी द्वारा नये पहान का चयन किया गया। कालेट गांव के जदुर अखरा में आयोजित चयन प्रक्रिया के दौरान धानी पहान को नया पहान चुना गया। ग्राम प्रधान पवाल मुंडा ने नवनियुक्त पहान धानी पहान को बधाई देते हुए आदिवासी परंपरा की रक्षा करने तथा समाज के उत्थान के लिए कार्य करने की अपील की। जानकारी के अनुसार पूर्व के पहान सोहराई पहान की प|ी की मौत हो गई, आदिवासी परंपरा के अनुसार जिस पहान की प|ी नहीं रहती उस के पहान पद स्वतः विलुप्त हो जाता है और नये पहान का चयन किया जाता है। मौके पर बुदा मुंडा, जीवन गुडिया, रोयन गुडिया, पवाल मुंडा, बिरसा गुड़िया, हरूण भगत, मरसल तोपनो, तपकरा पहान मंगरा, सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

क्या है पायगुटी चयन प्रक्रिया

बताते चलें कि चयन प्रक्रिया पायगुटी के दौरान ग्रामीण इलाकों में मसाला आदि पीसने के लिए प्रयोग में लाये जाने वाले सीलेट लोढ़ा का प्रयोग किया जाता है।

गांव के पहान खूंट के लोग जो कि विवाहित हैं और चयन प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं उनको लोढ़ा में बैठाया जाता है तथा गांव के भगत द्वारा मंत्रोच्चार किया जाता है। इस मंत्रोच्चार के दौरान जिस व्यक्ति के नाम पर लोढ़ा घूमने लगता है उसे ही सिंगबोगा के आदेश के अनुसार पहान चुना जाता है। कालेट में हुए चयन प्रक्रिया के दौरान पहान खूंट के कुल 8 लोगों ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया। इन आठ ग्रामीणों में से धानी पहान का चयन किया गया। मसीह गुड़िया ने बताया कि किसी भी गांव को चलाने के लिए हातु मुंडा के साथ ही पहान को बाःसरना पूजा स्थल, बुरूबोगा, इकिर बोगा, केडा सरना, देवी गुडी पूजा स्थल, गुमी सरना, भेडा सरना आदि में पूजा करने का अधिकार होता है। शुक्रवार को सिंगबोगा के आदेश पर धानी पहान को गांव में पूजा करने का जिम्मेदारी सौंपा गया है।

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