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रावलपिंडी-इस्लामाबाद में 121 साल पुराने एक मात्र हिंदू मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए पाक सरकार ने 2 करोड़ रुपए जारी किए

3 वर्ष पहले
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इस्लामाबाद.  पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार ने रावलपिंडी के कृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपए जारी किए हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यह राशि मंदिर में पूजा पाठ और हिंदू त्योहारों के लिए इसे अनुरूप बनाने के लिए जारी की गई है। 

 

 

2 शहरों में एक मात्र मंदिर
-  कृष्ण मंदिर रावलपिंडी और इस्लामाबाद में एकमात्र मंदिर है। जहां नियमित पूजा होती है। यहां सुबह और शाम दोनों वक्त नियमित पूजा होती है। इसमें 6 से 7 लोग शामिल होते हैं।

 

जल्द शुरू होगा निर्माण का काम

- डॉन के मुताबिक, शरणार्थी ट्रस्ट संपत्ति बोर्ड (ईटीपीबी) के उप प्रबंधक मोहम्मद आसिफ ने बताया कि सरकार ने पंजाब असेंबली के सदस्यों की मांग पर 2 करोड़ रुपए जारी किए हैं। 
- उन्होंने बताया कि जल्द ही इसमें काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए टीम निरीक्षण भी कर चुकी है। किस तरह से काम होना है यह भी तय हो चुका है। जिस जगह पर नया निर्माण होगा, उसे बंद रखा जाएगा। जैसे ही मंदिर में काम पूरा हो जाएगा, यहां लोगों का आना शुरू हो जाएगा।

 

1897 में हुआ था निर्माण
- 1897 में सद्दर में कांची मल और उजागर मल राम पांचाल ने इस मंदिर का निर्माण किया था। विभाजन के बाद यह रावलपिंडी का एक मात्र मंदिर बन गया। 
- 1947 के बाद यहां रहने वाले हिंदू इसकी देख रेख करते थे। लेकिन 1970 में इसे ईटीपीबी के नियंत्रण में दे दिया गया। 1980 तक इस्लामाबाद में रहने वाले भारतीय राजदूत यहां पूजा करने आते थे।

- वहीं, यहां रहने वाले लोगों का कहना कि मंदिर का क्षेत्र भी बढ़ना चाहिए।

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