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डाउनलोड करेंगुरुवार को विद्या एवं शिक्षा संबंधी कार्य, शास्त्र, धर्म, तंत्र, ज्योतिष, वकालत और व्यापार संबंधी कार्य करने चाहिए। धार्मिक अनुष्ठान, शिक्षा के कार्य, आभूषण, औषधि, वाहन और भूमि का लेन-देन करना भी शुभ माना जाता है। गुरुवार के साथ सुबह 11:20 तक द्वितिया तिथि रहेगी। इसके बाद तृतीया यानी जया तिथि रहेगी। गुरुवार को जया तिथि होने से दिन और भी शुभ हो जाएगा।
आगे पढ़ें गुरुवार का पूरा पंचांग -
| सूर्योदय | 5.48 |
| सूर्योस्त | 6.58 |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| तिथि | द्वितिया (2) - सुबह 11:20 के बाद तृतीया |
| नक्षत्र | रोहिणी - सुबह 6:50 के बाद मृगशिरा |
| योग | सुकर्म |
| करण | कौलव - दोपहर 11:25 के बाद तैतिल |
| शक संवत | 1940 नाम - ( विलम्बी ) |
| विक्रम संवत | 2075 नाम – ( विरोधकृत् ) |
| अमांत महीना | ज्येष्ठ (अधिक माह) |
| पूर्णिमांत (हिन्दू) महीना | ज्येष्ठ (अधिक माह) |
| सूर्य | वृष राशि में |
| चंद्रमा | वृष राशि में- शाम को 5:35 के बाद मिथुन में |
आज के शुभ-अशुभ समय -
राहुकाल - दोपहर 1:35 से 03:05 तक ( अशुभ, इस समय कोई भी शुभ काम न करें )
अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:45 से दोपहर 12:15 तक
अमृतकाल - शाम 08:30 से 09:50 तक (शुभ समय)
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