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मां के गर्भ में ही तय हो जाती हैं बच्चे के भविष्य से जुड़ी ये 5 बातें

जब कोई बच्चा मां के गर्भ में होता है तभी भगवान द्वारा उसके जीवन से जुड़ी 5 बातें तय कर दी जाती हैं।

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 07:06 PM IST
Panchatantra, Life Management, Hitopadesh, Stories of Education

रिलिजन डेस्क। हमारे ग्रंथों में गूढ़ रहस्यों से जुड़ी अनेक बाते बताई गई हैं, जिनके बारे में सभी लोग नहीं जानते। आज हम आपको पंचतंत्र के हितोपदेश में बताई गई ऐसी ही 1 खास बात बता रहे हैं। पं. विष्णु शर्मा द्वारा रचित इस ग्रंथ के अनुसार, जब कोई बच्चा मां के गर्भ में होता है तभी भगवान द्वारा उसके जीवन से जुड़ी 5 बातें तय कर दी जाती हैं। जानिए कौन-सी हैं वो 5 बातें...

श्लोक
आयु: कर्म च वित्तंच विद्या निधनमेव च।
पंचैतान्यपि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिन:।।


अर्थ- विधाता के द्वारा आयु, कर्म, धन-संपत्ति, शास्त्रों का ज्ञान और मृत्यु, ये 5 बातें प्राणी जब माता के गर्भ में होता है, तभी निर्धारित कर दी जाती हैं।


1. आयु
मां के गर्भ में ही शिशु की आयु निर्धारित हो जाती है। यानी वह कितनी उम्र तक जीवित रहेगा।


2. कर्म (काम)
योग्य होने के बाद शिशु क्या-क्या काम करेगा यानी किस क्षेत्र में अपना करियर बनाएगा। बिजनेस करेगा या नौकरी। ये बात भी मां के गर्भ में ही तय हो जाती है।


3. धन-संपत्ति
गर्भस्थ शिशु जन्म लेने के बाद कितनी धन-संपत्ति का मालिक बनेगा। या उसे धन-संपत्ति का सुख मिलेगा या नहीं। वह स्वयं धन-संपत्ति अर्जित करेगा या उसे पैसा पैतृक रूप से मिलेगा। ये बात भी परमात्मा पहले ही निर्धारित कर देता है।


4. शास्त्रों का ज्ञान यानी पढ़ाई
गर्भस्थ शिशु पढ़ाई में कितना होशियार होगा। वह किस क्षेत्र में पढ़ाई करेगा और कितनी पढ़ाई करेगा। ये सभी भी भगवान पहले ही तय कर देता है।


5. मृत्यु
जन्म के साथ ही बच्चे की मृत्यु भी तय हो जाती है। ये बात अन्य धर्म ग्रंथों में भी लिखी गई है।

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