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ट्रेन में हुआ था प्यार, नाटक में किए लड़की के रोल; ऐसी है बिहार का इस एक्टर की स्टोरी

3 वर्ष पहले
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पटना. एक्टर पंकज त्रिपाठी एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, बॉलीवुड फिल्मों में विशेष योगदान के लिए 65वें नेशनल फिल्म अवार्ड 2018 की घोषणा की जा रही है। भारत सरकार की ओर से दिए जाने वाले इन अवार्ड्स में बेहतरीन एक्टिंग के लिए पंकज त्रिपाठी को स्पेशल अवार्ड से नवाजा जाएगा। उन्हें फिल्म 'न्यूटन' के लिए यह अवार्ड दिया जाएगा। 'न्यूटन' को बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला है। पंकज भले ही आज चर्चा में हैं, लेकिन इसके पीछे उनकी सालों की मेहनत है। ऐसे मिला 'न्यूटन' में रोल...

 

-  बीते साल फिल्म 'न्यूटन' को लेकर पंकज ने DainikBhaskar.com से कुछ बातें शेयर की थीं। तब उन्होंने कहा था- फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर मेरे दोस्त हैं। दोनों ने मुझे बुलाया और कहा कि एक फिल्म पर काम कर रहे हैं। तुम आओ इसकी कहानी पढ़ो।

- मुझे फिल्म की कहानी पसंद आई और मैं काम करने के लिए तैयार हो गया। फिल्म की 98 फीसदी शूटिंग छत्तीसगढ़ के जंगलों में की गई है। यहां मोबाइल भी काम नहीं करता था। हमलोग सुबह जाते और शाम को लौट आते थे।

 

बिना पुलिस की सुरक्षा के हुई थी शूटिंग
- नक्सल प्रभावित एरिया में शूटिंग के सवाल पर पंकज ने कहा कि सुरक्षा को लेकर लोकल पुलिस से बात हुई थी। पुलिस ने कहा था कि आप बिना सुरक्षाकर्मियों के जाएंगे तो सेफ रहेंगे। सुरक्षाकर्मी को देख नक्सली हमला कर सकते हैं।
- हमलोगों ने बिना किसी सुरक्षा के ही छत्तीसगढ़ के जगंलों में 40 दिनों तक शूटिंग की। इस दौरान आसपास के गांव वाले काफी सहयोग करते थे। सेट का जो भी काम होता था वह गांव के लोग ही करते थे। ऐसे में उनलोगों को भी रोजगार मिलता था।
- पंकज ने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि मेरी फिल्म ऑस्कर में जाएगी। इस फिल्म की कहानी अच्छी थी, जिसके चलते लोगों का प्यार मिला। गौरतलब है कि फिल्म में पंकज सेना के जवान की भूमिका में हैं। वह नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में चुनाव ड्यूटी में तैनात हैं। ऐसे में कई बार चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों के साथ इनकी बहस भी हो जाती है।

 

नाटक में करते थे लड़की का रोल
- पंकज ने कहा कि जब गांव में रहता था तो पिता जी कहते थे कि पढ़कर लिखकर तुम डॉक्टर बनना और पटना में काम करना, लेकिन मेरा मन पढ़ाई में कम लगता था। 
- अगर मैं एक्टर नहीं बन पाता तो गांव पर ही अपना खेतीबाड़ी का काम देखता। 
- गांव में जब भी सरस्वती पूजा के दौरान नाटक होता था तो मैं लड़की का रोल करता था। इस दौरान दोस्त कमेंट भी करते थे, लेकिन मैं इससे परेशान नहीं होता था।
 

'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से आए चर्चा में
- 2007 में फिल्म 'धर्म' से पंकज की बॉलीवुड में एंट्री हुई थी। वह अब तक 40 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं। पंकज ने कहा कि 60 से अधिक सीरियलों में कई किरदार कर चूका हूं।
- 2012 में फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' आई थी। यह फिल्म हिट हुई। इसके बाद मेरी एक अलग पहचान बन गई और कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे।
 

ऐसे हुआ था प्यार
- फिल्मों में सीरियस दिखने वाले पंकज की प्रेम कहानी रोचक है। पंकज ने कहा कि पटना से कोलकाता जाते समय एक लड़की से मुलाकात हो गई थी। हमने बातें की और शादी करने का फैसला कर लिया। लव मैरिज करने की बात जब घरवालों को बताई को पिता काफी गुस्सा हो गए। 
- मैंने मां और पिता को काफी समझाया कि फिल्म में काम करते हैं। ऐसे में अलग-अलग रोल करता रहता हूं तो शादी लव मैरिज क्यों नहीं कर सकता। मेरी जिद के बाद पिता और मां ने शादी की सहमति दे दी।