पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

परशुराम जयंती : भिंड जिले के जमदारा में 5 करोड़ की लागत से बनेगा परशुराम मंदिर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

ग्वालियर.    शहर से 62 किमी दूर भिंड जिले के जमदारा गांव में 5 करोड़ की लागत से भगवान परशुराम का भव्य मंदिर बनेगा। इसके लिए मां रेणुका नंदन भगवान परशुराम सार्वजनिक न्यास ने 11 बीघा भूमि खरीद कर चहारदीवारी बना दी है। जमदारा की भूमि को भगवान परशुराम की जन्म स्थली के साथ ही उनके पिता जमदग्नि की तप स्थली माना जाता है।

 

 

यहांं परशुराम के अलावा रेणुका धाम और जमदग्नि ऋषि का मंदिर आैर शस्त्र व शास्त्र की शिक्षा के लिए संस्कृति विद्यापीठ, शस्त्र विद्या प्रशिक्षण केन्द्र, मल्लविद्या केन्द्र, संत निवास, छात्रावास, जड़ी-बूटी उद्यान, गौशाला भी बनाई जाएगी। ट्रस्ट के ट्रस्टी रामबाबू कटारे ने बताया कि मंदिर बनाने का प्लान तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मदद करने का आश्वासन दिया है। मुरैना के सांसद अनूप मिश्रा ने 20 लाख रुपए दिए हैं।

 

जमदारा गांव में मां रेणुका की प्रतिमा
राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय के पुरातत्वविद टीले में निकलने वाले मृदभांड को रामायण और महाभारत कालीन बताते हैं। किंवदंती है कि मौ का पुराना नाम महिष्मती था। इसका राजा सहस्त्रबाहु (सहस्त्रार्जुन) हुआ करता था, जिसे महर्षि जमदग्नि के पुत्र भगवान परशुराम ने पराजित कर नगरी को पलट दिया था।


खुदाई में निकले मिट्‌टी में उलटे दबे मृदभांड: सन 1992 में राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय ने टीले की खुदाई कराई थी। खुदाई के दौरान टीले में निकले मृदभांड (मिट्‌टी के बर्तन) उलटे और टूटे निकले। आज भी टीला मौजूद है, उसकी मिट्‌टी में दबे बर्तन टूटी अवस्था में उलटे दबे नजर आते हैं। इनमें मटके, नाद, दीपक के अलावा ईंटें भी दबी हुई हैं, जो डेढ़ फीट लंबी है। इसकी पुष्टि राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय में पदस्थ पुरातत्वविद् वीरेन्द्र पांडे भी करते हैं।

 

 

रामजानकी मंदिर में स्थापित होगी परशुराम की मूर्ति
ग्वालियर-चंबल संभागीय सनाढ्य ब्राह्मण सभा के तत्वावधान में बुधवार को सुबह 9 बजे रामजानकी मंदिर किलागेट पर भगवान परशुराम जयंती मनाई जाएगी। सभा के अध्यक्ष भूपेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सुबह भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित की जाएगी।

 

 

शस्त्र एवं शास्त्र के ज्ञाता थे भगवान परशुराम: डॉ. भारद्वाज
अखिल भारत हिंदू महासभा के तत्वावधान में मंगलवार को हिंदू महासभा के कार्यालय पर भगवान परशुराम की जयंती की पूर्व संध्या एवं छत्रपति शिवाजी व गुरु अंगद देव की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में पं. गिरिराज शरण शर्मा के आचार्यत्व में पूजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. जयवीर भारद्वाज ने कहा कि भगवान परशुराम ने आतताइयों का विनाश कर सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति की पुन: स्थापना की। भगवान परशुराम शस्त्र एवं शास्त्र के ज्ञाता थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पं. कैलाश नारायण शर्मा ने की। कार्यक्रम का संचालन रामबाबू शर्मा ने तथा आभार संतोष प्रजापति ने व्यक्त किया। इस मौके पर राम बाबू सेन, प्रदीप जायसवाल, मोहन सिंह बघेले, राजेंद्र प्रजापति, बृंदावन उपस्थित थे। वहीं ब्रह्म समाज एकता परिषद द्वारा कोटेश्वर मंदिर में 9.30 बजे भगवान परशुराम का अभिषेक व पूजन किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...