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बच्चा बाहर पढ़ने गया है या जाने वाला है तो जरूर सिखाएं ये 6 बातें

बच्चों को आत्मनिर्भर बनाएं ताकि वह परिवार से दूर रहकर भी जीवनयापन आसानी से कर सके।

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2018, 01:25 PM IST
नया शहर, नए दोस्त और नई-नई आजादी उन्हें भटका भी सकती है। इससे बचने के लिए आप बच्चे पर पूरी तरह से निगाह रखें। नया शहर, नए दोस्त और नई-नई आजादी उन्हें भटका भी सकती है। इससे बचने के लिए आप बच्चे पर पूरी तरह से निगाह रखें।

रिलेशनशिप डेस्क. हाल ही में आए स्कूल रिजल्ट्स के बाद कई पैरेंट्स बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे शहर या विदेश भेजने को तैयार होंगे। ऐसे कठिन समय में माता-पिता बच्चों को कई तरह की सलाह देते हैं। जानिए ऐसी 6 बातें जिन्हें सिखाकर आप अपने बच्चे को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे और वह परिवार से दूर जीवनयापन भी आसानी से कर पाएगा। प्रीती अग्रवाल से जानते हैं इसके बारे में...

1. होम वर्क
एक सामान्य परिवार के बच्चे को बहुत से घरेलू काम स्वयं ही करने होते हैं। अपने घर पर उसे आपकी या सर्वेंट की मदद मिल जाती है, लेकिन बाहर पढ़ाई के दौरान हॉस्टल में या रेन्टेड रूम में उसे ही सब करना होता है। ऐसे में आप बच्चे को पहले से ही घर के छोटे-मोटे काम सिखाएं। थोड़ा बहुत नाश्ता बनाना, कपड़े, बर्तन धोना, स्टडी टेबल जमाना और रूम को व्यवस्थित रखने के तरीके उसे बताएं।

2. लाइव कांटेक्ट
नया शहर, नए दोस्त और नई-नई आजादी उन्हें भटका भी सकती है। इससे बचने के लिए आप बच्चे पर पूरी तरह से निगाह रखें। आज के तकीनीकी युग में आप नियमित रूप से बच्चे से कॉल या वीडियो कॉल से लाइव कांटेक्ट बनाकर चलें। पूरे दिन में टाइम फिक्स कर लें, जब आप अपने बच्चे से बात करें। आपके नियमित टच से बच्चा भी भावनात्मक रूप से जुड़ाव महसूस करेगा।

3. फ्रेंड सर्कल
नया शहर और अजनबी माहौल ये किसी के लिए भी चुनौती भरा हो सकता है। नए माहौल में खुद को ढ़ालने के लिए किसी दोस्त के साथ से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। अपने बच्चों को दोस्त और दोस्ती के महत्व के बारे में बताएं। उन्हें दोस्त बनाने के लिए प्रेरित करें और दोस्त चुनते समय देखने योग्य बातें बताएं। नए परिसर में कुछ अच्छे दोस्त किसी बहुमूल्य खजाने से कम नहीं होते।
4. फंड मैनेजमेंट
यह बहुत जरूरी है कि बच्चा पैसों को सही तरीके से खर्च करना सीखे। उसे बताएं कि उचित मूल्य का सामान कहां मिलता है। हो सके तो उसे शॉपिंग पर साथ ले जाएं ताकि वह अच्छे बुरे सामान की परख करना सीखे, उसे लोकल मार्केट में मौलभाव करना भी बताएं। उसे समझाएं कि वह दिनभर के खर्च को डायरी में नोट करे, इससे आपको भी पता चलेगा कि वह फिजूल खर्ची तो नहीं कर रहा।

5. फिटनेस
अपने घर में बच्चे आलसी प्रवृत्ति के हो सकते हैं, लेकिन अकेले रहने में उन्हें फिट होना जरूरी है। यदि बच्चा शारीरिक रूप से फिट है तो वह हर परिस्थिति में भी खुद को सेट करने की क्षमता रखता है। उन्हें अकेले बाहर भेजने से पहले फिटनेस मंत्र जरूर दें। उन्हें रनिंग, वॉकिंग, साइक्लिंग, योग, मेडिटेशन, स्विमिंग या अन्य एक्सरसाइज की आदत डलवाएं। सही खान-पान भी बताएं।

6. सेल्फ डिफेंस
लड़का हो या लड़की उसे आत्मसुरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस के गुण जानना जरूरी है। आज माता-पिता की बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा की होती है। खासकर लड़कियों के पेरेंट्स तो कई बार सिर्फ बेटी की सुरक्षा के नाम पर ही पीछे हट जाते हैं। ऐसे में बाहर भेजने से पहले उन्हें आत्मसुरक्षा की ट्रेनिंग दिलवाएं। उन्हें सुरक्षा से संबंधित गैजेट्स का उपयोग करने के साथ ही विपरीत परिस्थितियों से निपटना भी सिखाएं।

बच्चों को आत्मनिर्भर बनाएं ताकि वह परिवार से दूर रहकर भी जीवनयापन आसानी से कर सके। बच्चों को आत्मनिर्भर बनाएं ताकि वह परिवार से दूर रहकर भी जीवनयापन आसानी से कर सके।
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नया शहर, नए दोस्त और नई-नई आजादी उन्हें भटका भी सकती है। इससे बचने के लिए आप बच्चे पर पूरी तरह से निगाह रखें।नया शहर, नए दोस्त और नई-नई आजादी उन्हें भटका भी सकती है। इससे बचने के लिए आप बच्चे पर पूरी तरह से निगाह रखें।
बच्चों को आत्मनिर्भर बनाएं ताकि वह परिवार से दूर रहकर भी जीवनयापन आसानी से कर सके।बच्चों को आत्मनिर्भर बनाएं ताकि वह परिवार से दूर रहकर भी जीवनयापन आसानी से कर सके।
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