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डाउनलोड करेंग्वालियर. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अमृत योजना के तहत जेएएच में मेडिकल स्टोर खुलेगा। इस मेडिकल स्टोर पर 10 से 70 प्रतिशत रियायत पर दवा और इंप्लांट मिलेंगे। यह मेडिकल स्टोर अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह या मई के पहले सप्ताह में प्रारंभ हो जाएगा। अभी तक प्रदेश के एम्स के साथ 6 मेडिकल कॉलेजों में अमृत योजना के तहत मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं।
केंद्र की अमृत योजना के तहत अमृत फार्मेसी द्वारा देशभर के 129 मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में आने वाले मरीजों को दवाएं, सर्जिकल सामान, इंप्लांट सस्ता मिल सके, इसके लिए मेडिकल स्टोर खोलने का निर्णय लिया गया था। जेएएच में यह मेडिकल स्टोर जनवरी में खुलना था। प्रदेश सरकार और जीआरएमसी से एमओयू साइन होने और स्थान तय होने में देरी होने के कारण मेडिकल स्टोर खुलने में समय लग गया। जेएएच की पत्थर वाली बिल्डिंग के सामने यह मेडिकल स्टोर खोला जा रहा है।
सीधे कंपनी से खरीदी जाती है दवा: आमतौर पर मेडिकल स्टोर संचालक थोक दवा विक्रेता से और थोक दवा विक्रेता स्टॉकिस्ट से दवा खरीदते हैं। इन सभी का कमीशन होने के कारण दवा मरीज तक पहुंचते -पहुंचते उसे अधिक लाभ नहीं मिल पाता है। भुजवेंद्र यादव का कहना है कि अमृत फार्मेसी सीधे कंपनी से दवा खरीदकर मरीजों को देगी। इसलिए मरीज को दवा सस्ती मिलेगी।
कोई भी व्यक्ति डॉक्टर का पर्चा दिखाकर ले सकेगा दवा
प्रदेश सरकार ने इससे पहले जन औषधि केंद्र खुलवाए थे। इसके तहत शहर में चार जन औषधि केंद्र खुले थे। इन केंद्रों पर जेनरिक दवाएं ही मिलती थीं। इस कारण ये केंद्र सफल नहीं हो पाए। प्रोजेक्ट इंचार्ज भुजवेंद्र यादव ने बताया कि अमृत फार्मेसी में जेनरिक दवाओं के साथ-साथ कंपनी की दवाएं भी रहेंगी। साथ ही सर्जिकल सामान भी सस्ते में मिलेगा। कैंसर की दवाएं मरीज को बाजार से 40 से 60 प्रतिशत कम रेट में मिलेंगी। जेनरिक दवाएं करीब 70 प्रतिशत, एथिकल दवाएं 10 से 30 प्रतिशत और सर्जिकल सामान 40 से 60 प्रतिशत सस्ता मिलेगा। यहां अस्पताल के साथ-साथ कोई भी मरीज डॉक्टर का पर्चा दिखाकर दवा ले सकता है।
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