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हवाई यात्रा / राज्य ने केंद्र को लिखा पत्र: कैंसिल न करें, चंडीगढ़-शिमला के लिए डायरेक्ट दें उड़ान



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  • पवन हंस नहीं बना पाया हेलीपोर्ट के लिए डीपीआर, कंपनी की सुस्ती से प्रोजेक्ट में हो रही देरी
Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:54 PM IST

शिमला | उड़ान टू के तहत हिमाचल के विभिन्न हिस्सों को हवाई सेवा से जोड़ने के रास्ते में पवन हंस की सुस्ती बाधा बन रही है। कंपनी को बद्दी आैर मंडी मेंं हेलीपोर्ट बनाने के लिए डीपीआर तैयार करनी थी। कंपनी की आेर से इस दिशा में काम नहीं किया गया। इसे जुलाई तक बनाना था, अब प्रोजेक्ट में देरी के कारण उड़ान टू में वाया मंडी आैर बद्दी फ्लाइट की योजना पर पानी फिरता देख राज्य ने केंद्र से राहत मांगी है। इसको लेकर केंद्र को पत्र भेजा है। इसमें चंडीगढ़ के लिए वाया बद्दी के बजाय सीधे फ्लाइट की सुविधा देने का आग्रह किया है।
 

हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए केंद्र देगा दस करोड़ : हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए पैसा केंद्र ने ही जारी करना है। एक हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने दस करोड़ का बजट तय किया है। इसकी परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए केंद्र ने आवेदन मांगे थे। इसमें पवन हंस को डीपीआर तैयार करने का काम सौंपा गया। पवन हंस तय समय अवधि के भीतर यह काम नहीं कर सका और यह परियोजना अधर में लटक गई। राज्य सरकार ने डीपीआर न बनने की वजह से उड़ान-टू योजना को प्रदेश में शीघ्र शुरु करने की मांग की है। 


इन रूटों पर शुरू होनी है उड़ान टू : उड़ान टू योजना के तहत हेलीकॉप्टर की यह उड़ानें चंडीगढ़-बद्दी- शिमला-मंडी और धर्मशाला के लिए प्रस्तावित है। लेकिन इसके लिए पहले बद्दी में हेलीपोर्ट का बनना जरूरी है। इस रूट पर हेलीकॉप्टर बद्दी में लैंड करने के बाद अगली उड़ान भरेगा। मंडी में हेलीपोर्ट बनाया जाना है। 

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