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8 साल पहले लगी गोली स्पाइनल कॉड में अटकी, अपराधी को सजा दिलाने को नहीं करा रहे ऑपरेशन

3 वर्ष पहले
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मुजफ्फरपुर.  पीएमसीएच के एक डॉक्टर की गवाही नहीं होने के कारण एक शिक्षक इंसाफ के इंतजार में 8 वर्षों से स्ट्रेचर व व्हील चेयर के सहारे जिंदगी काट रहे हैं। उनके स्पाइनल कॉड में गोली फंसी है। डॉक्टर ने कह रखा है कि गोली निकालने में जान भी जा सकती है, या फिर अपंगता हो सकती है। इसलिए, वे दर्द सहकर भी इंसाफ की आस में दर-दर भटक रहे। कहते हैं- इंसाफ मिलने तक ऑपरेशन से मना कर दिया हूं। गोली मारने वाले अपराधी को सजा हो जाए उसके बाद ऑपरेशन कराऊंगा। कष्ट तो बहुत है। गोली निकालने के ऑपरेशन में जान भी चली जाए तो कोई मलाल नहीं रहेगा।

 

 

29 सितंबर 2010 को मारी गई थी गोली

पवन भगत के शूटर अरविंद राय व साथियों ने 29 सितंबर 2010 को मनियारी थाना अंतर्गत सुस्ता माधोपुर निवासी शिक्षक रवींद्र राय को गोली मारी थी। गोली उनकी कमर के पास स्पाइनल कोड में अटक गई। इलाज पीएमसीएच के चिकित्सक डॉ. केके केसरी ने किया। मामला कोर्ट पहुंचने के बाद गवाही होने लगी। एक महत्वपूर्ण गवाही डॉ. केसरी की भी थी। लेकिन, करीब 8 वर्ष गुजर जाने के बाद भी उनकी गवाही नहीं हो सकी है। इस कारण कोर्ट में शूटर अरविंद राय व उसके भाई विशिष्ट राय के खिलाफ ट्रायल लंबित है। 

 

 

एसपीपी ने अधीक्षक को चिट्ठी लिख डॉक्टर को भेजने का किया आग्रह 
पीड़ित शिक्षक का दर्द से बुरा हाल है। ऐसे में विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) कृष्णदेव साह ने पीएमसीएच के अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले की गंभीरता से अवगत कराया है। साथ ही गवाही के लिए डॉ. केके केसरी को कोर्ट भेजने का आग्रह किया है। एसपीपी ने कहा है कि डॉ. केके केसरी ने शिक्षक रवींद्र राय का इलाज किया था। मेडिकल रिपोर्ट भी दी थी। उनकी गवाही कोर्ट में जरूरी है। यदि वे नहीं आ सकते हैं तो इलाज के समय उनके साथ काम किए दूसरे चिकित्सक, कंपाउंडर या अन्य स्टाफ को ही कोर्ट भेज दें। ताकि, वे डॉ. केसरी की मेडिकल रिपोर्ट में हैंडराइटिंग की पहचान कर दें। मामला एडीजे-6 के कोर्ट में विचाराधीन है। 

 

थानाध्यक्ष की नहीं हो पाई थी गवाही तो शिक्षक ने अपने प्रयास से उन्हें बुलवाया 
मामले में काफी दिनों तक तत्कालीन मनियारी थानाध्यक्ष राजेश कुमार की गवाही भी नहीं हो पाई थी। बार-बार कोर्ट से नोटिस के बावजूद वे नहीं पहुंचे। ऐसे में स्ट्रेचर पर पड़े शिक्षक रवींद्र राय ने अपने स्तर से पहल की। उस समय तक राजेश कुमार शाहपुर पटोरी के थानाध्यक्ष हो चुके थे। पीड़ित शिक्षक एंबुलेंस से उनके पास पहुंचे और गुहार लगाई। आखिरकार राजेश कुमार का कलेजा पसीजा और वे गवाही देने कोर्ट पहुंचे। मामले में केस के आईओ दारोगा कृष्णा राम की भी गवाही हो चुकी है। 

 

1 जून को फिर होनी है सुनवाई 
29 सितंबर 2010 को मनियारी थाने के सुस्ता माधोपुर में शिक्षक रवींद्र राय को अपराधियों ने घेरकर मारी थी गोली 
10 जनवरी 2012 को मनियारी थाना पुलिस ने आरोपित शूटर अरविंद राय व उसके भाई के विरुद्ध की थी चार्जशीट 
शिक्षक रवींद्र राय के अनुसार इलाज में खर्च हो चुके हैं 20 लाख रुपए, जख्म की हर दिन करानी पड़ रही है ड्रेसिंग 
1 जून 2018 को एडीजे 6 के कोर्ट में होनी है मामले की सुनवाई, एसपीपी ने डॉक्टर की गवाही का किया है आग्रह 

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