राशन की कालाबाजारी से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग हो रहे परेशान

Giridih News - पीरटांड़ प्रखंड के ग्रामीण अंचलों में लॉक डाउन को ग्रामीण उतना महत्व नहीं दे रहे हैं जितना उन्हें देना चाहिए।...

Mar 27, 2020, 06:42 AM IST
Dumri News - people in rural areas are worried due to black marketing of ration

पीरटांड़ प्रखंड के ग्रामीण अंचलों में लॉक डाउन को ग्रामीण उतना महत्व नहीं दे रहे हैं जितना उन्हें देना चाहिए। लोग अपने-अपने घरों में बंद नहीं रह कर अन्य दिनों की भांति अभी काम कर रहे हैं। प्रखंड क्षेत्र के कर्माटांड़ में आम दिनों की तरह दुकानें खुली थी और लोग सामान की खरीदारी कर रहे थे। जबकि मंजूरा में प्रधानमंत्री आवास में काम चल रहा था। करंदो में दुकान खुली थी। वहीं ईंट भट्ठा के लिए जेसीबी एवं ट्रैक्टर काम कर रहे थे जबकि खुखरा, बरियारपुर में रोड किनारे शराब, मांस की दुकानों में भीड़ थी। बरियारपुर में बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे यह नजारा था पूरे क्षेत्र का। वहीं पालगंज में पीरटांड़ थाना प्रभारी अशोक प्रसाद गांव में घूम-घूम कर लोगों को जागरूक कर रहे थे। घर से नहीं निकलने की सलाह दे रहे थे और कोरोना वायरस के बारे में लोगों को बता रहे थे। पालगंज में राशन की कालाबाजारी को सुन कर थाना प्रभारी आये और दुकानदारों को समझा कर कहा कि मानवता के नाम पर अभी कालाबाजारी नहीं करें। लोगों को ज्यादा से ज्यादा सहयोग करें। वहीं जनवितरण प्रणाली के दुकान में सैकड़ों लोगों की भीड़ राशन उठाव करने के लिए थी। बंशीधर मंदिर में श्री रामनवमी पूजा महोत्सव के उपलक्ष्य पर श्रीरामचरितमानस नवाहपरायण पाठ का आयोजन किया गया। केवल पुजारी ही अकेले बैठ कर कोरोना वायरस को देखते हुए पाठ कर रहे हैं। वहीं प्रखंड क्षेत्र के मात्र एक चैती दुर्गा मंडप करपरदारडीह में भी अकेले पंडित पाठ पढ़ रहे हैं।

डीसी-एसपी ने डुमरी प्रखंड में लाॅक डाउन का लिया जायजा, दिए कई निर्देश

डुमरी | डीसी राहुल कुमार सिन्हा और एसपी सुरेन्द्र कुमार झा ने गुरुवार को डुमरी प्रखंड में लाॅक डाउन का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने डुमरी-गिरिडीह पथ पर डुमरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समीप बने मेडिकल कैम्प को देखा और मौके पर उपस्थित पुलिस को वैसे आवश्यक सेवाओं के वाहनों, पास बनवा कर चलने वाले लोगों को अनावश्यक नहीं रोकने का निर्देश दिया। इधर गुरुवार को डुमरी अनुमंडलाधिकारी प्रेमलता मुर्मू और एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों की टीम प्रखंड के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारी किराना दुकानदारों को आवश्यक निर्देश देते हुए खाद्य सामग्री को मंडी से लाने के लिए मौके पर ही पास निर्गत किया। साथ ही लोगों के बीच मास्क का वितरण किया गया। प्रशासन और पुलिस पदाधिकारियों की टीम प्रखंड के चैनपुर, सुइयाडीह, मंझलाडीह, बेरगी, भण्डारो, छछन्दो सहित एक दर्जन से अधिक गांवों का भ्रमण कर लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने की जानकारी दी। साथ ही किराना दुकानदारों को सामान बेचने के दौरान ग्राहकों के बीच आवश्यक दूरी बना कर रखने, सामानों की कालाबाजारी नहीं करने, सरकार द्वारा निर्धारित रेट पर ही खाद्य सामानों को बेचने का निर्देश दिया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये मास्क का वितरण किया गया। लाॅक डाउन के दूसरे दिन भी सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। निर्धारित स्थानों पर पुलिस मुस्तैद दिखी। पुलिस द्वारा चौक- चौराहे पर एका-दुक्का आने जाने वालों को भी घर में रहने की सलाह दी। इस मौके पर पुलिस निरीक्षक दिनेश सिंह, बीडीओ सोमनाथ बंकिरा आदि उपस्थित थे।

दुकानदाराें से कालाबाजारी नहीं करने की दी सलाह, कहा- घरों में रहे लोग

भास्कर न्यूज | पारसनाथ

अभी चंद दिन ही कर्फ्यू के हुए हैं कि व्यापारियों की कालाबाजारी धड़ल्ले से शुरू हो गयी है। झारखंड सरकार समेत जिला प्रशासन मामले को संज्ञान में लेते हुए खाद्य सामग्री विक्रय करने की दर लिस्ट तैयार तो कर दिया है परंतु सभी तय की गई राशि से दस पांच रुपये यहां तक कि पचास रुपए प्रति लीटर तेल व पांच- दस रुपए प्रतिकिलो महंगे बिक्री की जा रही है। यदि स्थानीय प्रशासन के बीच शिकायत करने की बात उपभोक्ता द्वारा कही जाती है तो व्यापारियों द्वारा दुकान न खोलने की बात की जाती है। देश, राज्य व जिला से लेकर प्रखण्ड व पंचायत के लोगों के बीच नाेवेल कोरोना वायरस वैश्विक महामारी में भी फायदा चंद बिजनसमैन लोग उठाने लगे हैं। पारसनाथ क्षेत्र के गरीब-गुरबा ग्रामीण लोग के सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न होने लगी है। एक तरफ कामकाज ठप तो दूसरी तरफ महंगाई चरम सीमा पर है। गांव, कस्बा के लोग जिला प्रशासन से गुहार लगाये हैं कि ऐसे व्यापारी जो खाद्य सामग्री का स्टॉक अपने अपने गोदाम में कर रखे हैं उनके गोदाम में स्टॉक का लिस्ट तैयार कर उन सामग्रियों का विक्रय उचित मूल्यों पर करे अन्यथा कालाबाजारी की स्थिति में प्रशासन उक्त व्यापरियों के ऊपर करवाई करे नहीं तो आम ग्रामीण का गुस्सा फूट पड़ा तो व्यापारियों को ग्रामीणों के कोप का शिकार होना पड़ सकता है। मजदूर तबके के लोग मजदूरी के बिना नमक, रोटी खाकर भी जीवन जी सकते हैं। परंतु जब नमक, रोटी भी उचित मूल्यों पर न मिल पाए तो व्यापारियों के प्रति ग्रामीण मजदूरों का गुस्सा फूटना लाजमी है। बीते दो दिनों से ऐसा देखा जा रहा है कि छोटे व्यापारी हों या बड़े सभी हर खाद्य सामग्री के दाम में वृद्धि कर दिए हैं। अब गरीब व्यक्तियों के लिए खाद्य सामग्री का क्रय पहाड़ की तरह लग रहा है ऊपर से कोरोना वायरस का कहर अभी तो शुरुआत है। अभी 21 दिनों का कर्फ्यू दो दिन भी नहीं बीता है आगे स्थिति और भी भयावह होती दिखायी पड़ रही है।

लॉकडाउन के बाद भी निर्माण कार्य में जुटे मजदूर।

ल़ॉकडाउन के दौरान निरीक्षण करते डीसी।

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