पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंकैलिफोर्निया. गूगल जैसी बड़ी कंपनी में काम करने के लोग सिर्फ सपने ही देखते हैं, लेकिन अगर हम कहें कि कुछ लोग यहां से लाखों रुपए वाली जॉब छोड़ रहे हैं तो? जी हां, 762 बिलियन डॉलर की कंपनी गूगल के कुछ कर्मचारी नौकरी छोड़कर जा रहे हैं। नौकरी छोड़ने की वजह एक मशीन है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...
-कुछ महीने पहले गूगल ने यूनाइटेड स्टेट्स के रक्षा विभाग के साथ एक विवादास्पद ड्रोन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस देने के लिए सौदा किया था। इस प्रोग्राम का नाम है प्रोजेक्ट मेवेन। इसमें गूगल ऐसा ड्रोन बनाने में मदद कर रहा है जो इंसान और किसी नॉन लिविंग थिंग में अंतर समझ पाएगा। लेकिन गूगल के कुछ कर्मचारी इस प्रोजेक्ट से नाराज हैं। वे इसपर काम नहीं करना चाह रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मशीन को इतनी पावर देने के विरोध में दर्जन भर लोग इस्तीफा दे रहे हैं।
पारदर्शिता की कमी है दूसरी वजह
इसके अलावा यूएस आर्मी के कामों में गूगल की भागीदारी और इस तरह के निर्णयों से पारदर्शिता की कमी से भी कर्मचारी खुश नहीं हैं। कर्मचारियों के मुताबिक ऐसे कदमों से गूगल अपने यूजर्स के विश्वास को ठेस पहुंचाएगा। विरोध करने वाले कर्मचारियों का साथ अब इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन (EEF) ने भी दिया है। ईईएफ की ओर से सिंडी कॉन और पीटर एकसर्ली ने कहा, गूगल ने ऐसे प्रोजेक्ट शुरू करते वक्त कहा था कि वो सिर्फ मशीनों को और ताकवर और बेहतर बनाएगा। चीजों को आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस से पहचानना कोई गलत काम नहीं होगा, लेकिन अब इसकी असली तस्वीर सामने आ रही है।
- कॉन और एकसर्ली ने आगे कहा, हथियारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिबेट होनी चाहिए, वरना ये लोगों की जान से खिलावाड़ होगा। ।
बंद कराना चाहते हैं मेवेन प्राजेक्ट
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले ड्रोन प्रोजेक्ट से कर्मचारी इस कदर नाराज हैं कि 4,000 कर्मचारी इंटरनल पिटीशन डालकर प्रोजेक्ट मेवेन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। इन्होंने टॉप मैनेजमेंट से इस प्रोजेक्ट को रद्द करने की मांग भी की है। हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें तो मैनेजमेंट को इस सबसे कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। इस मामले पर अब तक गूगूल की ओर से कोई जवाब नहीं आया है
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.