मुआवजे को लेकर एचपीपीसीएल के खिलाफ लोगों ने अनशन शुरू किया
अभी एनएचपीसी के खिलाफ चली करीब एक महीने की क्रमिक भूख हड़ताल को महीना भी नहीं हुआ कि अब एचपीपीसीएल के खिलाफ लोगों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रभावितों और पीड़ित लोगों ने एचपीपीसीएल के शाड़ावाई स्थित काॅम्पलेक्स में क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
हालांकि प्रभावितों पिछले तीन सालों से एचपीपीसीएल के चक्कर काट रहे हैं और अपना हक मांग रहे हैं परंतु एचपीपीसीएल उनकी बात को मानने को तैयार नहीं है। जिसके चलते वीरवार को जमीन और मकान मालिकों के साथ-साथ ठेकेदार भी शाड़ावाई कॉम्पलेक्स में एकत्रित हुए। इस दौरान सभी ने एक राय से एचपीपीसीएल के खिलाफ क्रमिक अनशन शुरू करने का निर्णय लिया। जिसके चलते उन्होंने वीरवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। इधर, अनशनकारियों का कहना है कि वे पिछले तीन सालों से कंपनी और एचपीपीसीएल के पास अपना हक मांग रहे हैं परंतु कोई सुनने को तैयार नहीं है ऐसे में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
प्रभावितों ने कमेटी का गठन किया: एचपीपीसीएल की 100 मेगावाट जल विद्युत परियोजना सैंज में प्रभावित विस्थापित जमीन और मकान मालिकों के साथ साथ अलग अलग कंपनियों के साथ काम करने वाले ठेकेदारों ने मिलकर एक कमेटी का गठन किया है जिसके बैनर तले क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की गई है। इस कमेटी के अध्यक्ष की कमान रघुवीर सिंह बजीर को सौंपी गई है। जबकि उपाध्यक्ष के रूप में मोहर सिंह, रामलाल, रामकृष्ण को बनाया गया है। महासचिव के तौर पर तेजा सिंह, सचिव के रूप में भूमा ठाकुर, विचित्र सिंह, नारायण सिंह और कोषाध्यक्ष के रूप में गोपाल शर्मा को लिया गया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब तक हक नहीं मिलता है तब तक क्रमिक अनशन चलता रहेगा।
यह है क्रमिक अनशनकारियों की डिमांड क्रमिक भूख हड़ताल करने वालों का कहना है कि उन्हें जमीन व मकान के नुकसान को पूरा-पूरा मुआवजा नहीं दिया गया है। जबकि उनकी फसलों को जो नुकसान हुआ है उसका भी मुआवजा नहीं दिया गया है। इसके साथ ही प्रदूषण और अन्य हुए नुक्सान की भी भरपाई नहीं की गई है। जबकि क्षेत्र के कुछ ठेकेदारों ने भी एचपीपीसीएल में लगी ठेकेदार कंपनियों के पास काम किया है उसकी एवज में धन की अदायगी कंपनियों द्वारा नहीं की गई है। जिसके लिए उन्होंने एचपीपीसीएल प्रबंधन से उचित कार्रवाई की मांग की है।
मुआवजे की मांग को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे लोग।