ढाबे और होटलों के खाने के भरोसे रहने वालों को अब सता रही चिंता

Mohali Bhaskar News - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 21 दिनांे के कर्फ्यू के बाद अब शहर में सैकड़ों की तादात में वह...

Mar 27, 2020, 07:30 AM IST
Mohali News - people who rely on dhabas and hotel food are now worried

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 21 दिनांे के कर्फ्यू के बाद अब शहर में सैकड़ों की तादात में वह युवक-युवतियां फंस गए हैं जो बाहरी राज्यों से यहां नौकरी के लिए आए थे और अब अपने पीजी में रहने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि इन बच्चों को न तो खाना मिल रहा है और इनके पास पैसे हैं। इससे इनकी हालत गंभीर है। हालांकि एरिया पुलिस लगातार ऐसे पीजी व गरीब परिवारों के लिए खाने की व्यवस्था करवा रही है लेकिन अधिकतर पीजी युवक-युवतियों को यह पता ही नहीं है। परेशान पीजी युवक-युवतियां अब पुलिस कंट्रोल रुम पर कॉल कर मदद मांग रहे हैं। इसलिए पुलिस-प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि इन बच्चों को उनके घरों को जाने की व्यवस्था करवाई जाए। ताकि यह अपने घर पहुंच कर सुरक्षित हो जाए। इसके लिए अब संबधित एसएचओज को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने एरिया में पीजी रह रहे युवक युवतियों के पास बनाकर उनको उनके घरों को भिजवाने की व्यवस्था करवाए। पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी पीजी आनर्स को एक लिस्ट तैयार कर थाने देने के लिए कहा गया है। मात्र ऑनर ही अपने पीजी में रहने वाले युवक-युवतियों की लिस्ट लेकर आए। इसमें पीजी रहने वालों को साथ लाने की जरूरत नहीं है। वह लिस्ट संबंधित एसएचओ एसडीएम को देंगे और प्रशासन व्यवस्था करवाएगी। उसके बाद प्रशासन से जैसे ही निर्देश आते हैं इन पीजी रह रहे युवक-युवतियों को उनके घर भेजने की व्यवस्था करवा दी जाएगी। अब फिलहाल पीजी आनर्स से लिस्टें मंगवाई जा रही है।

सड़कों पर दवाओं के लिए लोग न निकले इसके लिए प्रशासन ने कैमिस्ट एसोसिएशन को आर्डर जारी किए थे कि वह अपनी दुकानों के बाहर ब्हटसएप्प नंबर लगाए और जिनको दवाएं चाहिए वह इन नंबर पर कैमिस्ट आनर्स को मैसेज कर दे और दवाएं लोगों के घर पहुंचाकर आए। ऐसे डोर टू डोर से लोग सड़कों पर बाहर नहीं िनकलेगें। लेकिन वीरवार सुबह 21 दिनों के लॉकडाउन के दूसरे दिन लोग सुबह-सुबह ही घरों से बाहर निकल आए और कैमिस्ट शॉप्स जमा हो गए। हालांकि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए सोशल डिस्टेंस मेंटेन करवाती रही। लेकिन वीरवार को कैमिस्ट मालिकों ने डोर टू डोर दवाएं देने की व्यवस्था को खराब कर दिया। यदि ऑनर्स शॉप्स पर आए लोगों को मना कर वापिस भेज दे और उनकी स्लीप लेकर रख उनको घर दवाएं मुहैया करवाए तो ऐसे सामान भी मिलता रहेगा और लोग घरों से बाहर भी नहीं आएगें।

लोगों ने अब सामान इकट्ठा करने की होड लग गई है। जबकि सरकार व प्रशासन की तरफ से बार-बार अपील की है कि डोर टू डोर सामान मंगवाए। दुकानों पर आकर एक तो वायरस का खतरा पैदा हो रहा है दूसरा सामान इकट्ठा कर रहा है।

सरकार सोच रही लोगों का और लोग मात्र अपने परिवार का...लोगों में यह धारणा है कि आगे सामान नहीं मिलेगा जबकि सरकारें व प्रशासन लगातार लोगों के लिए काम कर रही है और बस ही बात पर ध्यान देने को कह रहे हैं कि घर रहे और अपना व परिवार का ध्यान रखे। ऐसे न केबल वह खुद व परिवार को बचा रहे हैं बल्कि सामाज की भी हेल्प कर रहे हैं। खाने-पीने से लेकर रसोई गैस आदि किसी चीज के लिए कोई कमी नहीं आनी दी जाएगी।

X
Mohali News - people who rely on dhabas and hotel food are now worried

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना