नौकरी-मुआवजे के लिए 18 से पिपरवार होगा बंद
कोल इंडिया के अनुषंगी कंपनी सीसीएल के पिपरवार क्षेत्र के भू-रैयतो ने पुण: एक बार फिर 18 मार्च से पिपरवार क्षेत्र को बंद करने की घोषणा किया है। रैयतों विस्थापितों ने कहा है कि सीसीएल प्रबंधन द्वारा बार-बार आश्वासन देने के बावजूद भी पिपरवार क्षेत्र के भू-रैयतो को नौकरी मुआवजा नहीं दिया गया है। ज्ञात हो कि इन सभी मांगों को लेकर गत 2 फरवरी से बंद की घोषणा की गई थी, लेकिन प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद बंदी स्थगित कर दिया गया था। बंदी के घोषणा की जानकारी महाप्रबंधक भू - राजस्व सीसीएल मुख्यालय रांची को संबोधित करते हुए उसकी प्रतिलिपि संबंधित विभाग के अधिकारियों सहित प्रशासनिक विभाग को भी प्रतिलिपि प्रेषित की गई है। पिपरवार क्षेत्र के रैयत बहेरा निवासी सह भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति चतरा जिला सचिव फहीम रजा उर्फ डायमंड ने बताया कि सीसीएल पिपरवार क्षेत्र के किसानों की भूमि अधिग्रहण कर उनके जमीन से सीसीएल कोयला निकाल ली है और निकाल रही है। लेकिन सीसीएल रैयतों के खानदानी जमीन से कोयला निकालकर उनके जमीन के बदले नौकरी मुआवजा सहित अन्य सुविधा नहीं दे रही है। फहीम रजा उर्फ डायमंड ने सीसीएल के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि रैयतों द्वारा जमीन के बदले नौकरी मुआवजा मांगने पर प्रबंधन देने में आनाकानी करती है तथा रैयतों को तरह- तरह के गलत नियम कानून बताकर परेशान किया जाता है। रैयत कल्याणपुर निवासी इस्माइल अंसारी ने कहा कि वे आजाद देश में रह रहे हैं। किंतु सीसीएल द्वारा आज भी शोषित किए जा रहे हैं ।अपना हक जमीन के बदले नौकरी मुआवजा पाने के लिए वर्षों से सीसीएल के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावे कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। अब सीसीएल के विरुद्ध आंदोलन करने को बाध्य हो गया हैं।