--Advertisement--

12 साल से पेप्सीको की सीईओ इंद्रा नूई अक्टूबर में पद छोड़ेंगी, स्पेन के रामोन होंगे अगले सीईओ

इंद्रा 2019 तक कंपनी के चेयरमैन पद पर बनी रहेंगी

Dainik Bhaskar

Aug 06, 2018, 08:03 PM IST
PepsiCo CEO Indra Nooyi Step down after 12 years

- इंद्रा पेप्सीको की पहली सीईओ जो गैर-अमेरिकी मूल की
- पेप्सीको के 53 साल के इतिहास में रामोन छठे सीईओ होंगे

नई दिल्ली. भारतीय मूल की इंद्रा नूई (62) तीन अक्टूबर को पेप्सीको के सीईओ का पद छोड़ने जा रही हैं। इंद्रा 24 साल से इस कंपनी में हैं और 12 साल से सीईओ के पद पर हैं। वे 2019 तक कंपनी के चेयरमैन पद पर बनी रहेंगी। 54 साल के रामोन लागुआर्ता नए सीईओ होंगे। स्पेन के रामोन 22 साल से पेप्सी से जुड़े हैं। नूई ऐसे वक्त पर पद छोड़ रही हैं जब पेप्सीको की नॉर्थ अमेरिकन बेवरेज यूनिट सोडा की खपत घटने की वजह से संकट से जूझ रही है।

इंद्रा पेप्सीको के इतिहास में पहली महिला सीईओ के तौर पर नियुक्त हुई थीं। पद से हटने के अपने फैसले पर उन्होंने कहा, ‘‘पेप्सीको का नेतृत्व करना मेरे जीवन का सबसे यादगार समय रहा। पिछले 12 साल में हमने कंपनी के शेयरधारकों और साझेदारों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए जो कुछ किया है, उसे लेकर में बहुत गर्व महसूस करती हूं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि भारतीय मूल की होकर इतनी बड़ी कंपनी का नेतृत्व करने का मौका मिलेगा। पेप्सीको आज मजबूत स्थिति में है, आगे और भी अच्छा वक्त आएगा।’’

नूई ने पेप्सीको को दिलाई नई पहचान : इंद्रा ने इंडस्ट्री की चुनौतियों का सामना करते हुए कंपनी की फ्रिटो-ले यूनिट को आगे बढ़ाया। चीतोज और माउंटेन ड्यू जैसे फ्लैगशिप ब्रांड लॉन्च करवाए। इंद्रा ने ही पेप्सीको को सिर्फ कोला बनाने के रोल से बाहर निकाला। उनके कार्यकाल के दौरान पेप्सीको ने हमस और कॉम्बुचा जैसे ड्रिंक्स बनाए। पिछले 11 सालों में कंपनी ने शेयरधारकों को 162% रिटर्न दिया। 2006 में रेवेन्यू 35 अरब डॉलर था जो पिछले साल 63.5 अरब डॉलर पहुंच गया।

इंद्रा भारत में पली-बढ़ीं : नूई का जन्म 18 अक्टूबर 1955 को तमिलनाडु के मद्रास में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई होली एंजल्स एंग्लो इंडियन हायर सैकंडरी स्कूल से हुई। 1974 में मद्रास यूनिवर्सिटी से स्नातक किया। 1976 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कलकत्ता से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। 23 साल की उम्र में वे विदेश चली गईं। येल से पब्लिक एंड प्राइवेट मैनेजमेंट में मास्टर्स की डिग्री ली।

30 साल में प्रोडक्ट मैनेजर से सीईओ तक पहुंचीं : करियर की शुरुआत 1976 में मेटर बीयर्ससेल में बतौर प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर की। एक साल यहां काम करने के बाद 1977 में जॉनसन एंड जॉनसन से जुड़ गईं। 1980 में द बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) में इंटरनेशनल कॉरपोरेट स्ट्रेटजिस्ट बन गईं। बीसीजी में छह साल रहने के बाद 1986 में मोटोरोला में वाइस प्रेसिडेंट और डायरेक्टर (कॉरपोरेट स्ट्रेटजी एंड प्लानिंग) की जिम्मेदारी संभाली। 1990 में एशिया ब्राउन बोवेरी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (स्ट्रेटजी एंड स्ट्रेटजिक मार्केटिंग) के पद पर ज्वाइन कर लिया। चार साल बाद 1994 में पेप्सीको के साथ बतौर सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (स्ट्रेटजिक प्लानिंग) जुड़ीं। 2001 में सीएफओ और 2006 में सीईओ बन गईं। इंद्रा की 1980 में राज नूई से शादी हुई। राज एमसॉफ्ट सिस्टम्स में प्रेसिडेंट हैं। इंद्रा-राज की दो बेटियां प्रीता और तारा हैं। प्रीता 34 और तारा 25 साल की हैं।

फोर्ब्स की लिस्ट में टॉप रैंक, पद्मभूषण भी मिला : 2017 में इंद्रा ने फॉर्च्यून की 'द मोस्ट पावरफुल वूमेन इन बिजनेस' कैटेगरी में दूसरे नंबर जगह बनाई। 2006 से 2010 तक वे इस लिस्ट में लगातार नंबर-1 रहीं। पिछले साल सबसे ज्यादा वेतन पाने वाली महिला सीईओज की लिस्ट में भी वे सबसे ऊपर रहीं। 2007 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार दिया। 2008 में अमेरिकी न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट ने उन्हें अमेरिका के बेस्ट लीडर्स की श्रेणी में शामिल किया। इसी साल वे अमेरिका-भारत बिजनेस काउंसिल चेयरवूमेन चुनी गईं। 2009 में ग्लोबल सप्लाई चेन लीडर्स ग्रुप ने सीईओ ऑफ द ईयर चुना। रिसर्च ग्रुप कैटलिस्ट के मुताबिक अमेरिकी इंडेक्स एसएंडपी-500 की कंपनियों में सिर्फ 25 महिलाएं सीईओ का पद संभाल रही हैं।

X
PepsiCo CEO Indra Nooyi Step down after 12 years
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..