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डाउनलोड करेंरायपुर. दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा में राजधानी के सरकारी स्कूल के बच्चों ने कमाल किया है। इस बार दसवीं में 37 और बारहवीं में 21 छात्र ऐसे रहे, जिन्होंने परीक्षा में 90 फीसदी से अधिक अंक बटोरे। पिछले साल की तुलना में यह आंकड़ा अधिक है। ओवरऑल प्रदर्शन के मामले में भी सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट स्कूलों को पछाड़ा है। दसवीं-बारहवीं दोनों कक्षाओं के नतीजे प्राइवेट स्कूलों की तुलना में अच्छे रहे हैं।
29 सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 90 फीसदी से भी ज्यादा
बारहवीं में सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 82.54 फीसदी और दसवीं का रिजल्ट 64.57 फीसदी रहा।गुरुवार को जिला शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के नतीजों को लेकर समीक्षा रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक दसवीं की तुलना में बारहवीं का रिजल्ट काफी बेहतर रहा है। इस कक्षा में जिले के 29 सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 90 फीसदी से भी ज्यादा रहा है। जबकि दसवीं में छह स्कूलों के नतीजे 90 फीसदी और उससे अधिक रहे। इनमें से दो स्कूल रायपुरा व बकतरा के शासकीय स्कूल ऐसे रहे जहां का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा। यानी दसवीं में इस स्कूल से कोई विद्यार्थी फेल नहीं हुआ।
जिला शिक्षा अधिकारी एएन.बंजारा ने बताया कि सरकारी स्कूलों का दसवीं-बारहवीं का रिजल्ट पहले की तुलना में अच्छा रहा है। 90 फीसदी और उससे अधिक अंक पाने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा जिन स्कूलों का रिजल्ट 90 फीसदी से अधिक आया है उसे भी सम्मानित किया जाएगा। आने वाले बरसों में नतीजे और बेहतर होंगे। इसके लिए शुरुआत से ही प्रयास किया जाएगा। नए सत्र में स्कूल खुलने से पहले प्राचार्यों की बैठक बुलाई जाएगी। रिजल्ट को लेकर उनसे चर्चा होगी।
ओवरऑल रिजल्ट से भी ज्यादा रिजल्ट
जिले के सरकारी स्कूलों का रिजल्ट कक्षा बारहवीं में 82.54 फीसदी रहा। जबकि बारहवीं बोर्ड का ओवरऑल रिजल्ट 77 फीसदी है। इस तरह से सरकारी स्कूलों के नतीजे करीब पांच फीसदी ज्यादा है। जिले के सरकारी स्कूलों के 11,866 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें से 9794 विद्यार्थी पास हुए। इसमें से 3492 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से पास हुए। 4369 द्वितीय श्रेणी और 1642 तृतीय श्रेणी से पास हुए। कक्षा दसवीं के नतीजों भी पिछले साल की तुलना में अच्छे रहे। साल 2016 में 52 फीसदी विद्यार्थी पास हुए थे। 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 60 फीसदी तक पहुंचा था। इस बार यह 64.57 फीसदी है। हालांकि दसवीं का ओवरऑल रिजल्ट इस बार 68.04 फीसदी रहा है। इसे लेकर अफसरों ने कहा कि जिले के प्राइवेट स्कूलों के नतीजे पहले की तुलना में थोड़े कमजोर रहे हैं।
6 स्कूलों का रिजल्ट 15 से 45 फीसदी
दसवीं बोर्ड में इस बार छह स्कूलों के नतीजे कमजोर रहे। 15 से 45 फीसदी तक ही विद्यार्थी पास हुए। दसवीं में सबसे कमजोर रिजल्ट शासकीय हाई स्कूल संकरी का रहा। यहां 15 फीसदी विद्यार्थी ही पास हुए। आरंग ब्लाक के ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमसेना का रिजल्ट 28.57 फीसदी रहा। इस स्कूल में बारहवीं का रिजल्ट भी कमजोर रहा। सिर्फ 40.95 फीसदी विद्यार्थी पास हुए।
गवर्नमेंट स्कूल में 12वीं का रिजल्ट 80%
शहर के प्रमुख सरकारी स्कूलों में कक्षा बारहवीं में जेएन.पांडेय मल्टीपरपस गवर्नमेंट स्कूल का रिजल्ट 80.71 और दसवीं का रिजल्ट 60 फीसदी रहा। दानी गर्ल्स स्कूल का परिणाम दसवीं में 70.73 और बारहवीं में 82.88 फीसदी रहा। शिक्षा विभाग के अफसरों ने कहा कि खराब नतीजों को लेकर संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों से चर्चा होगी। इन स्कूलों पर इस बार विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्री-बोर्ड व कोचिंग का मिला फायदा : सरकारी स्कूलों के बच्चों को बोर्ड परीक्षा से संबंधित कोचिंग का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा इस बार दो बार प्री-बोर्ड का आयोजन किया गया, इसका भी लाभ मिला। अफसरों ने बताया कि नतीजे पहले से अच्छे हो रहे हैं। इसलिए इस तरह की व्यवस्था आगे भी रहेगी। इसके अलावा अन्य तैयारियां भी की जाएगी। आगामी बोर्ड परीक्षा 90 फीसदी पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़े इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्राचार्य व शिक्षकों से इस संबंध में चर्चा होगी।
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