स्टूडेंट्स को जागरुकता रैलियों में ले जाने से पहले लेनी होगी परमिशन

Mohali Bhaskar News - इस काम के लिए क्षेत्र के एसडीएम को नोडल ऑफिसर बनाया गया स्कूली बच्चों को जागरुकता रैलियों में ले जाने का चलन...

Feb 15, 2020, 07:35 AM IST
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{इस काम के लिए क्षेत्र के एसडीएम को नोडल ऑफिसर बनाया गया

स्कूली बच्चों को जागरुकता रैलियों में ले जाने का चलन है। लेकिन अगर अब ऐसी रैली में स्कूली बच्चे जाएंगे तो उसके लिए अब नियमों का पालन करना होगा। कमीशन ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स पंजाब की ओर से निर्देश सेक्रेटरी एजुकेशन को जारी किए गए हैं। बच्चों के लिए अब विशेष प्रबंध करने हाेंगे। इस पूरे काम के लिए क्षेत्र के एसडीएम को नोडल ऑफिसर बनाया गया है।

इनकी मंजूरी के बिना स्कूल का कोई भी बच्चा किसी प्रकार की रैली में शामिल होने के लिए सड़क पर नहीं जा सकेगा। कमिशन के चेयरमैन की ओर से द कमिशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स एक्ट 2005 की धारा 13 के तहत यह निर्देश जारी किए हैं।
बच्चों को अलग-अलग रैलियों
आदी के लिए जागरुकता अभियान में ले जाया जाता है। इसके लिए अब विशेष प्रबंध करने होंगे। इन प्रबंधों के लिए क्षेत्र के सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेवारी होगी। उनके निर्देश पर बच्चों को स्कूल से बाहर लाया जा सकेगा। जो भी संस्था बच्चों को रैली में ले जाना चाहेगी वो एसडीएम से परमिशन लेगी।

नॉडल ऑफिसर, पेरेंट्स से परमिशन लेनी होगी

रैली में स्कूल के बाहर बच्चे तभी आएंगे जब नोडल ऑफिसर की आज्ञा होगी और उससे पहले बच्चों के पेरेंट्स से कंसेंट भी लेनी होगी। इसी के आधार पर नोडल ऑफिसर आगे कि कार्रवाई शुरू करेगा।

बच्चों की रैली के लिए यह प्रबंध जरूरी...

{बच्चें जहां जाएंगे स्कूल का स्टाफ उनके साथ रहेगा।

{जिस मार्ग से बच्चे गुजरेंगे वहां का ट्रैफिक डायवर्ट कर मार्ग को कम ट्रैफिक जोन बनाया जाएगा।

{रैली वाले मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी होना जरूरी है।

{रैली में मौजूद बच्चों को रिफ्लेक्ट युक्त जैकेट्स पहनानी होगी।

{ज्यादा गर्मी या ज्यादा सर्दी होगी तो बच्चें नहीं जाएंगे।

{मौसम के अनुसार पानी व अन्य सामान की व्यवस्था करनी होगी

{बच्चों का पहरावा मौसम के अनुसार ही होना जरूरी होगा।

जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि जिस मार्ग पर बच्चों को ले जाया जाएगा उसे सेफ जोन बनाया जाएगा। बच्चों को रिफ्लेक्ट युक्त जैकेट्स पहनानी होंेगी। साथ ही इस मार्ग पर जो भी वाहन गुजरेगा उसकी स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा न हो यह सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए जरूरत पड़े तो रोड पर बैरिकेड्स लगा कर वाहनों की रफ्तार को कम किया जा सकता है। पूरा काम एसपी ट्रैफिक की ओर से देखा जाएगा। जो भी भारी वाहन होगा उसे उस मार्ग से जाने की अनुमति नहीं होगी जिस मार्ग से बच्चे रैली निकाल रहे होंगे।

जिस सड़क से बच्चे निकलेंगे, उसे बनाया जाएगा सेफ जोन


में ले जाया जाता है। इसके लिए अब विशेष प्रबंध करने होंगे। इन प्रबंधों के लिए क्षेत्र के सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेवारी होगी। उनके निर्देश पर बच्चों को स्कूल से बाहर लाया जा सकेगा। जो भी संस्था बच्चों को रैली में ले जाना चाहेगी वो एसडीएम से परमिशन लेगी।

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