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शशि कुमार अदिदामु का कॉलम: बारिश में कार के लिए कुछ जरूरी एड ऑन कवर

सामान्य पॉलिसी में पानी के सीपेज से इंजन को होने वाला नुकसान कवर नहीं होता है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 26, 2018, 10:17 AM IST

शशि कुमार अदिदामु का कॉलम: बारिश में कार के लिए कुछ जरूरी एड ऑन कवर

उम्मीद है कि मानसून ने आपके शहर में भी दस्तक दे दी होगी। यही समय है जब आपको देखना चाहिए कि आपकी गाड़ी में होने वाले किसी भी नुकसान के लिए पर्याप्त कवरेज है या नहीं। बारिश में गाड़ी खराब होना आम बात है। इसलिए आपके पास व्यापक बीमा कवर के साथ छोटे-मोटे नुकसान का भी बीमा होना चाहिए।
बहुत कम लोग जानते हैं कि सामान्य मोटर बीमा पॉलिसी में पानी के सीपेज के कारण इंजन को होने वाला नुकसान (हाइड्रोस्टेटिक लॉक) कवर नहीं होता है। सामान्य बीमा पॉलिसी में पार्ट्स के रिपेयर और रिप्लेसमेंट डेप्रिसिएशन को भी कवर नहीं किया जाता है। ये नुकसान अक्सर होते रहते हैं, लेकिन लोग इनका बीमा कम ही करवाते हैं। अंततः उनको अपनी जेब से पैसे देने पड़ते हैं। इसका समाधान है एड-ऑन कवर। यहां कुछ जरूरी एड-ऑन कवर के बारे में बताते हैं:-

इंजन प्रोटेक्टर : कार में सबसे महंगी चीज होती है इंजन। सीपेज के कारण इंजन को नुकसान, ऑयल लीकेज के कारण गियर बॉक्स टूटना आदि इसमें कवर होते हैं। हमारा अनुभव है कि मानसून में जितनी गाड़ियां क्लेम के लिए आती हैं उनमें से 30% से भी कम में इंजन प्रोटेक्टर एड-ऑन कवर होता है।

24x7 असिस्टेंस : आप ऐसे शहर में रहते हैं जहां बारिश में सड़क पर पानी जमा हो जाता है तो कई तरह की दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसके लिए आप 24x7 असिस्टेंस एड-ऑन कवर ले सकते हैं। इसमें छोटी-मोटी स्पॉट रिपेयरिंग, टायर बदलने, आपके जाने का वैकल्पिक इंतजाम, पेट्रोल भरना और गाड़ी को खींचकर करीबी गैराज तक ले जाना यह सब कवर होते हैं।
डेप्रिसिएशन शील्ड : यह कवर सुनिश्चित करता है कि गाड़ी पुरानी होने पर स्पेयर पार्ट्स के लिए क्लेम की रकम कम ना हो जाए। सामान्य पॉलिसी में डेप्रिसिएशन का प्रावधान होता है। इसलिए जब आप रिपेयरिंग के बदले क्लेम करते हैं तो कम पैसे मिलते हैं। डेप्रिसिएशन कवर होने पर पूरा पैसा मिल सकता है। ज्यादातर बीमा कंपनियां यह कवर 5 साल तक पुरानी गाड़ियों पर देती हैं। अगर आप क्लेम करना चाहते हैं तो गाड़ी को नुकसान पहुंचने के तत्काल बाद बीमा कंपनी को फोन कीजिए। कस्टमर के लिए बीमा क्लेम की प्रक्रिया आसान करने के लिए कंपनियों ने मोबाइल एप लांच किए हैं। इसके जरिए आप तत्काल क्लेम फाइल कर सकते हैं। अगर क्लेम की रकम कम है तो कस्टमर खुद वाहन की जांच करके एप के जरिए उसकी रिपोर्ट भेज सकते हैं। बारिश में लॉन्ग ड्राइव में काफी मजा आता है। लेकिन ऊपर बताई गई सावधानियां जरूर बरतें ताकि जेब से खर्च ना करना पड़े। एड-ऑन कवर ज्यादा महंगे नहीं हैं। सात लाख की मिड साइज कार पर एड-ऑन कवर करीब 7,000 रु. में मिल जाएगा।

- ये लेखक के निजी विचार हैं। इनके आधार पर निवेश से नुकसान के लिए दैनिक भास्कर जिम्मेदार नहीं होगा।

पर्सनल फाइनेंस/इंवेस्टमेंट
शशि कुमार अदिदामु, सीटीओ, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस

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