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वॉशिंग मशीन और LED बल्व से भ्रूण लिंग बताते थे 10 वीं पास ‘डॉक्टर’, फिर ऐसे हुआ पर्दाफाश

गर्भवती के पेट पर टच कर सामने लगी एलसीडी स्क्रीन पर गर्भ में भ्रूण का वीडियो दिखाते थे और गर्भ में लड़की बता देते।

Danik Bhaskar | Apr 16, 2018, 06:37 AM IST
कार्रवाई में जब्त गैस की पाइप व एलईडी बल्ब। कार्रवाई में जब्त गैस की पाइप व एलईडी बल्ब।

जयपुर. स्टेट पीसीपीएनडीटी सेल ने रविवार को राजधानी के चौमूं के मोरीजा गांव स्थित एक घर में भ्रूण लिंग जांच करते तीन युवकों को गिरफ्तार किया। जांच टीम ने अदा किए गए नोट (35 हजार रुपए) बरामद किए। इन आरोपियों को 13 जनवरी 2017 को भी चौमूं में ही फर्जी जांच के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपियों से जब्त उपकरणों को देखकर अफसर हैरान रह गए। आरोपी लिंग जांच के नाम पर वॉशिंग मशीन की पाइप से एलईडी बल्ब जोड़ते और गर्भवती के पेट पर टच कर सामने लगी एलसीडी स्क्रीन पर गर्भ में भ्रूण का वीडियो दिखाते थे और गर्भ में लड़की बता देते। गिरफ्तार आरोपियों में एक नीमकाथाना का है। पीसीपीएनडीटी (गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम) टीम आरोपी युवकों को सोमवार को न्यायालय में पेश करेगी।

अध्यक्ष समुचित प्राधिकारी (पीसीपीएनडीटी) व मिशन निदेशक (नेशनल हेल्थ मिशन) नवीन जैन ने बताया कि इस साल जनवरी में 7, फरवरी में 4, मार्च में 2 व अप्रैल में अब तक 3 डिकॉय ऑपरेशन कर कोख में कत्ल करने वालों को पकड़ा जा चुका है। एक गिरोह द्वारा भ्रूण जांच की सूचना मिल रही थी।

पीड़ित परिवार को यूं घुमाते थे आरोपी

- गर्भवती डिकॉय महिला व सहयोगी को झुंझुनूं जिले से दलाल द्वारा सीकर बुलाया गया। सीकर से रींगस बुलाया। वहां से चौमूं बुलाया गया।
- गर्भवती महिला के पीछे तो कोई अन्य नहीं है, इस डर से चौमूं में ही इधर-उधर दो घंटे घुमाता रहा।
- इससे पूर्व पुष्टि करवाने दलाल झुंझुनूं व सीकर की गर्भवती महिलाओं को चौमूं बुलाता था।
- गर्भवती महिलाओं की रेकी करने के लिए 2 से 3 लोगों की टीम डिकॉय महिला के आगे-पीछे रहते थे।

एलईडी बल्ब पेट पर घुमाते और कन्या भ्रूण का वीडियो दिखाते

डिकॉय गर्भवती महिला को चौमूं के मोरीजा गांव लेकर गए जहां पर चार्जेबल एलईडी बल्ब को वाशिंग मशीन की पाइप से लगाकर गर्भवती महिला के पेट पर एलईडी बल्ब को घुमाते और स्क्रीन पर कन्या भ्रूण का वीडियो दिखाते। सोनोग्राफी मशीन से ही जांच की जा रही है। लेकिन बिना किसी सोनोग्राफी मशीन के आरोपियों ने गर्भवती महिला को गर्भ में लड़की बताया और गर्भपात के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद गर्भवती महिला का रींगस और चौमू के अस्पताल में गर्भपात करा देते थे। 12 हजार रुपए लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने ढोढ़सर के एक मेडिकल स्टोर संचालक के भी गिरोह से जुड़े होने की जानकारी दी है। जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।

आरोपी बोले-गर्भपात करवा लो, पैसे दो दिन बाद दे देना
आरोपियों ने गर्भवती महिला को कहा कि यदि वो आज ही गर्भपात करवाना चाहती है तो पैसे एक या दो दिन बाद भी दे सकती है। दसवीं पास सुरेन्द्र डॉक्टर की भूमिका निभाता था। सहयोगी द्वारा टीम को इशारा करते ही गोविंदराम पुत्र रामसहाय, गांव कानपुरा चौमूं, शीशराम पुत्र प्रभुदयाल, नीमकाथाना व सुरेन्द्र पुत्र रूडमल, मोरिजा चौमूं को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपित बोलेरो मालिक गिरफ्तार आरोपित बोलेरो मालिक
ये तीनों हैं आरोपी। ये तीनों हैं आरोपी।