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डाउनलोड करेंरांची. रांची के लापुंग प्रखंड की सोनी कुमारी ने दिल्ली में मालिक से पगार मांगी तो उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए। वह पिछले साल ही नौकरी के लिए दिल्ली गई थी। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि झारखंड के 250 से अधिक दलाल हर साल राज्य की करीब 18 हजार लड़कियों का सौदा कर रहे हैं। इस बात की जानकारी विभिन्न एनजीओ से झारखंड सीआईडी को मिली है। सीआईडी दिल्ली की 240 प्लेसमेंट एजेंसियों की जांच कर रही है। इनमें से 35 के बारे में सीआईडी को पुख्ता जानकारी है कि ये प्लेसमेंट एजेंसियां आदिवासी बहुल जिलों के सुदूर गांवों से नाबालिग लड़कियों को काम दिलाने के नाम पर बेच रही हैं।
अधिकतर एजेंसियां दलालों की पत्नियों और रिश्तेदारों के नाम पर दिल्ली में रजिस्टर्ड हैं। दलाल पहले गरीब परिवारों को खोजते हैं, जिसमें 10 से 17 साल की लड़कियां हों। लड़कियों के माता-पिता को 10-20 हजार एडवांस देते हैं। साथ ही बेटी को दिल्ली या किसी बड़े शहर में हर महीने 10-15 हजार की नौकरी और आरामदायक जिंदगी देने का भरोसा दिलाते हैं। फिर लड़कियों को ले जाकर प्लेसमेंट एजेंसियों के हवाले कर देते हैं। इसके लिए हर दलाल को प्रति लड़की 50 हजार रु. तक मिलते हैं। फिर एजेंसियां इन लड़कियों को 1 से ढाई लाख रु. तक में बेच देती हैं।
बच्चियों का सौदा करने वाले दलाल
जीतनी : गुमला के घाघरा थाना क्षेत्र निवासी। दिल्ली में बिकने से बचाई गई लड़कियों ने जीतनी का नाम बताया। यह महिला हरियाणा की प्लेसमेंट एजेंसियों के लिए ट्रैफिकर का काम करती है। पोको मौसी : गुमला के भरनो थाना क्षेत्र निवासी। नेपाली उरांव : सिमडेगा। अफरोज : पाकुड़। बबलू खान : पाकुड़। सुनीता तिग्गा : मांडर। सुरेश साहू : दिल्ली। वाहन बड़ाइक : सिमडेगा। भानुप्रताप बड़ाइक : सिमडेगा। शिवाराम : गुमला। रोहित मुनी : बिहार। इसके अलावा बाबा वामदेव राम, जीत तिर्की, बिंद कुमार, अरुण उरांव, बलराम, दिलीप मंडल, कृष्णा कुमार, मनीराज कौशिक, मीना मिंज यादव, सरिता कुजूर, सुनील सोरेन, नित्यपाल, सुरेंद्र गर्ग, निर्मल महतो, देवेंद्र साहू, सुषमा तिड़ू, सुंदर मुंडा।
दिल्ली की खरीदार प्लेसमेंट एजेंसियां
संपूर्ण घरेलू कामगार संस्थान, झारखंड पर्सनल प्लेसमेंट एजेंसी, आदिवासी उत्थान मंच, सर्वोदय आदिवासी जन संस्थान, नेशनल सेवा संस्थान, सेवा भारती, बीआरजी प्लेसमेंट एजेंसी, मैरी प्लेसमेंट एजेंसी, त्यागी प्लेसमेंट एजेंसी, गायत्री इंटरप्राइजेज, कृष्णा इंटरप्राइजेज, घरेलू कामगार सर्व उत्थान समिति, स्पीड इंटरप्राइजेज, महिला सेवा समिति, नित्यपाल प्लेसमेंट एजेंसी, केके प्लेसमेंट एजेंसी, नव गरीब जनता कल्याण विकास समिति।
इन जिलों से ज्यादा खरीदारी
रांची, खूंटी, दुमका, सिमडेगा, गुमला, चाइबासा, लोहरदगा और पलामू। सबसे अधिक गुमला जिले के सीलम, डुमरी, चैनपुर, रायडीह, मांझीटोली, नागपुर, तेताटोली, कुकुडीह टोली, बगमा से लड़कियां बिकती हैं। रांची के लापुंग और मांडर की लड़कियों की संख्या भी अच्छी-खासी होती है।
हमने सीआईडी को दी 240 एजेंसियों की सूची
हमने दिल्ली की उन 240 प्लेसमेंट एजेंसियों की सूची और साल में करीब 18 हजार लड़कियों के सौदे की जानकारी सीआईडी को सौंपी है, जो झारखंडी लड़कियों की खरीद-बिक्री करते हैं।
- सीता स्वांसी, सचिव, दीया सेवा संस्थान
विभिन्न स्रोतों से सूचना मिलते ही एक्शन लेते हैं
सीआईडी की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट सूचना मिलते ही एक्शन लेती है। इस धंधे में शामिल दलालों और संगठनों की जानकारी विभिन्न स्रोतों से मिली हैं। उनपर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
- अरुण कुमार सिंह, आईजी, सीआईडी
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