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आबोहवा में जहर घोल रहा प्लास्टिक, हर साल 9 करोड़ टन वेस्ट रोकने की पहल

3 वर्ष पहले
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इंटरनेशनल डेस्क. प्लास्टिक इंसान की जिंदगी में जैसे अहम जरूरतों की तरह शामिल होता जा रहा है। उसी तरह ये हमारी जिंदगी को भी जहरीला कर रहा है। इंसान तो इंसान जानवर भी इसकी चपेट में हैं। नेशनल जियोग्राफिक मैगजीन के मुताबिक, लाखों-करोड़ों जानवर दुनिया के सामने खड़े इस प्लास्टिक संकट से प्रभावित हैं। वहीं, हर साल 9 करोड़ टन प्लास्टिक वेस्ट समुद्र में मरीन्स की लाइफ को रोक रहा है और तटों को गंदगी से पाट रहा है।

 

450 साल तक निशान मिटा पाना मुश्किल
- नेशनल जियोग्राफिक ने इस प्लास्टिक के इस्तेमाल के खिलाफ एक कदम बढ़ाया है, ताकि इंसान ही नहीं जानवर भी इसके असर से बच सकें। मैगजीन ने प्लास्टिक के इस्तेमाल से होने वाले असर को दिल दहला देने वाली फोटोज के जरिए दिखाया है। ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, साइंटिस्ट्स का अनुमान है कि प्लास्टिक संकट बढ़ने से इसके वेस्ट का अस्तित्व समुद्री वातावरण में करीब 450 साल तक रहेगा। इससे परेशानी सिर्फ बढ़ेगी ही। 

 

लोगों को परेशानी से करा रहे वाकिफ
- नेशनल जियोग्राफिक पार्टनर्स के सीईओ ग्रे ई नेल के मुताबिक, 130 सालों से नेशनल जियोग्राफिक धरती से जुड़ी स्टोरीज कर रहा है। लोगों को पूरी दुनिया में धरती की खूबसूरती और आने वाले खतरों से वाकिफ करा रहा है। 
- उन्होंने कहा कि फील्ड में काम कर रहे हमारे खोजकर्ता, रिसर्चर और फोटोग्राफर हर दिन प्लास्टिक के असर से होने वाले नुकसान से वाकिफ होते हैं और उनका मानना है कि ये स्थिति और भी खतरनाक होने वाली है।
- नेल ने कहा कि 'प्लैनेट या प्लास्टिक' कैपेंन के तहत हम अपनी स्टोरीज के जरिए बढ़ती प्लास्टिक की समस्या, रिसर्च और साइंस से इसके निपटारे को लेकर लोगों को एकजुट कर रहे हैं। 

 

आगे की स्लाइड्स में देखें प्लास्टिक के इस्तेमाल का धरती पर असर की फोटोज...
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