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पहली बार... मध्यप्रदेश के कलेक्टरों से रूबरू होंगे पीएम मोदी, पूछेंगे- क्या है विकास की प्लानिंग

3 वर्ष पहले
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भोपाल.     नीति आयोग ने हाल ही में मप्र के जिन आठ जिलों की पिछड़े जिलों के रूप में रैंकिंग की थी, उन्हीं जिलों के कलेक्टरों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंडला में मीटिंग लेने जा रहे हैं। वे 24 अप्रैल को जबलपुर पहुंचकर मंडला जाएंगे। पहली बार ऐसा होगा, जब मोदी मप्र के कलेक्टरों के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि मोदी इन जिलों के कलेक्टरों से पूछेंगे कि नीति आयोग की रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने पिछड़ों जिलों के डेवलपमेंट का क्या रोडमैप तैयार किया है। अचानक तय हुई मोदी की इस मीटिंग को लेकर शासन भी संशय में है कि क्या करें। फिलहाल कलेक्टरों से तैयारी करने के लिए कह दिया गया है। 

 

विदिशा : सुषमा स्वराज का संसदीय क्षेत्र, अटल-शिवराज भी रहे सांसद, फिर भी पिछड़ा

 

जिन 8 जिलों के कलेक्टरों को बुलाया गया है, उनमें विदिशा, खंडवा, राजगढ़, छतरपुर, दमोह, गुना, बड़वानी और सिंगरौली शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि विदिशा भी पिछड़े जिलों में शामिल है, जिस संसदीय सीट से पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी, वर्तमान केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सांसद रह चुके हैं। प्रधानमंत्री की इसी मीटिंग के चलते प्रशासनिक सर्जरी के भी टलने के आसार बन गए हैं।

 

राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि सम्मेलन में मोदी ने कहा था...

- 10 मार्च को राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 40 की उम्र में परिवार व अन्य चिंताओं की वजह से अधिकारियों में काम का जज्बा नहीं रह जाता।   

 

नीति आयोग की रिपोर्ट में तीन जिलों के हालात
नीति आयोग की रैंकिंग में अच्छी स्थिति के पहले 20 जिले और आखिरी के 20 जिलों की रिपोर्ट जारी की। अध्ययन देश के 101 जिलों का किया।
 
1. राजगढ़ : बिजली, शौचालय और पेयजल की स्थिति बेहतर 
- कलेक्टर कर्मवीर शर्मा (36 वर्ष)
- रिपोर्ट : बिजली और रोड कनेक्टिविटी के साथ शौचालय और पेयजल की स्थिति कमोबेश बेहतर है। रैंक चार दी गई, लेकिन देशभर से तुलना करने पर 15वीं रैंक मिली। 
 
2. विदिशा : स्किल डेवलपमेंट में  सभी पैरामीटर्स बेहतर मिले
- कलेक्टर अनिल सुचारी (51 वर्ष)
- रिपोर्ट : स्किल डेवलपमेंट में स्थिति बेहतर है। रैंक 5 दी गई, लेकिन सभी पैरामीटर पर आंकलन करने के बाद देशव्यापी रैंक 42वीं रही।
 
3. सिंगरौली : स्कूलों के अध्ययन के बाद नीचे से चौथी रैंक
- कलेक्टर अनुराग चौधरी (35 वर्ष)
- रिपोर्ट : लड़कियों के स्कूल में टायलेट, बच्चों के लिए पेयजल व बिजली की उपलब्धता। जिले में स्कूलों के ड्रॉप  आउट रेट ज्यादा होेने, किताबें मिलती हैं या नहीं और टीचर्स की संख्या क्या है, इनका अध्ययन करने के बाद रैंक 97वीं मिली। यानी नीचे से चौथे नंबर पर। देशव्यापी सभी मामलों में रैंक इससे भी खराब यानी 99वीं है। 
 
आठ में से चार जिलों के कलेक्टर 50 की उम्र पार कर चुके
1. विदिशा के कलेक्टर अनिल सुचारी, उम्र- 51 साल 
2. दमोह के कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा, उम्र- 55 साल 
3. गुना के कलेक्टर राजेश कुमार जैन, उम्र- 57 साल
4. छतरपुर के कलेक्टर रमेश भंडारी, उम्र- 59 साल
 
8 जिलों की देश में रैंक
15वीं- राजगढ़
26वीं- छतरपुर 
41वीं- खंडवा 
42वीं- विदिशा  
47वीं- गुना 
55वीं- दमोह 
67वीं- बड़वानी 
99वीं- सिंगरौली
 
 
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