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बिना मशीन कुदरती चीजों से वर्कऑउट करते हैं पीएम मोदी, जानें कैसे करते हैं और क्या हैं फायदे

प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने फिटनेस चैलेंज में हिस्सा लेते हुए ट्विटर पर बुधवार रात एक वीडियो शेयर किया है।

Danik Bhaskar | Jun 13, 2018, 03:55 PM IST

हेल्थ डेस्क. प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने फिटनेस चैलेंज में हिस्सा लेते हुए ट्विटर पर बुधवार रात एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें वे एक्सरसाइज और योग करते हुए नजर आ रहे हैं। ये चैलेंज उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने दिया था। अब पीएम मोदी ने फिटनेस चैलेंज कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी के अलावा टेबल टेनिस प्लेयर मनिका बत्रा को दिया है। इस वीडियो की खास बात है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक्सरसाइज, जो काफी अलग है। 1 मिनट 49 सेकंड के वीडियो में योग के अलावा पंचतत्वों यानी पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से भी कैसे फिट रहा जा सकता है ये बताया गया है। सबसे अहम बात है कि पीएम बिना किसी इक्विपमेंट के लिए नंगे पैर एक्सरसाइज करते नजर आ रहे हैं। जिसे आसानी से कोई भी कर सकता है। जानते हैं क्या वीडियो में दिखा और उसके मायने क्या हैं?

1) वीडियो में मोदी सबसे पहले घास पर बने एक्यूप्रेशर ट्रैक पर चलते नजर आ रहे हैं। पहले वे हाथ ऊपर उठाकर सामने चल रहे हैं और फिर हाथ जोड़कर पीछे की ओर चल रहे हैं।
2) इसके बाद वे एक गोल चट्टान पर घुटने मोड़ते हुए स्ट्रैचिंग कर रहे हैं।
3) फिर मोदी इसी चट्टान पर पीठ के बल लेट जाते हैं और हाथ पीछे करते हुए योगासन कर रहे हैं।
4) इसके बाद मोदी हाथ में डंडा लिए दिख रहे हैं। वे पहले वे छोटे पत्थरों पर चल रहे हैं। फिर पत्थरों के पास पंचतत्वों के सिद्धांत पर बने विशेष एक्यूप्रेशर ट्रैक की कोर पर चलते हैं। ये कोर ग्रेनाइट की है और मोदी बैलेंस बनाते हुए इस पर चल रहे हैं।
5) मोदी मुख्य ट्रैक पर दिख रहे हैं। ये एक विशेष ट्रैक है। इसमें मोदी लकड़ी, पानी, मिट्टी, घास, नदी के मोटे गोल पत्थर, बड़ी रेती, बालू रेत के खांचों पर चलते हैं। इन तत्वों से बने हर खांचे में मोदी धीरे-धीरे पैर जमाते हुए तीन से चार कदम चल रहे हैं।
6) फिर मोदी ट्रैक की बाहरी कोर पर चलते दिख रहे हैं। इसमें वे दोनों हाथ फैलाकर बैलेंस बनाते हुए थोड़ा तेजी से वॉक करते दिख रहे हैं।
7) बाद में मोदी पंचतत्व के ट्रैक पर रेत और नदी के मोटे गोल पत्थरों के खांचे में खड़े होकर प्राणायाम करते नजर आ रहे हैं।
8) वीडियो के आखिरी हिस्से में मोदी गोल चट्टान पर बैठकर भ्रामरी प्राणायम करते दिख रहे हैं।

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बड़े गोल पत्थर : पैरों के एक्युप्रेशर प्वॉइंट्स को एक्टिव करते
एक्सरसाइज की शुरुआत गोल पत्थरों पर चलकर की गई है। ऐसे पत्थर जो ज्यादातर नदी किनारे पाए जाते हैं। इन पर चलने से पैरों में मौजूद अधिकतर एक्युप्रेशर प्वाइंट्स पर असर पड़ता है और ये एक्टिव होते हैं। इन पत्थरों पर चलते हुए पीएम के कदमों की रफ्तार धीमी हो जाती है ताकि एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स पर अधिक दबाव पड़े।

हल्के नुकीले पत्थर : एक्युप्रेशर प्वॉइंट्स का पूरे शरीर पर होता है असर
बड़े गोल पत्थरों पर चलने के बाद पैरों के प्वाइंट्स एक्टिव हो जाते हैं इसके बाद जब नुकीले पत्थर पर चलते हैं तो आंखें, किडनी, पेट और हार्ट जैसे अंगों पर सकारात्मक असर पड़ता है। लेकिन बड़े पत्थरों के मुकाबले जब इन पर चलते हैं तो चलने रफ्तार थोड़ी सी ज्यादा होती है। इसके बाद के कम बारीक बजरी पर चलते हैं जो पैरों को थोड़ा रिलैक्स करता है।

मिट्टी : शरीर से टॉक्सिन को निकालती है
पत्थरों के बाद पीएम मोदी मिट्टी पर चलते हैं। नेचुरोपैथी में मिट्टी का इस्तेमाल शरीर से टॉक्सिंस यानी विषैले तत्व को बाहर निकालने के लिए किया जाता है। शरीर के जिस हिस्से से टॉक्सिंस निकालना हो वहां मिट्टी का लेप किया जाता है। मड थैरेपी भी इसी का ही एक हिस्सा है।

पानी : शरीर से निकलती है अतिरिक्त गर्मी
एक्सरसाइज के दौरान पीएम मोदी के कुछ कदम पानी में भी पड़ते हैं। एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स के सक्रिय होने के बाद पानी में पैर पड़ने से शरीर की गर्मी निकलती है। खासकर ऐसा गर्मी के दिनों में करने से शरीर की अतिरिक्त गर्मी बाहर निकलती है और बॉडी कूल रहती है।

लकड़ी: पैर होते हैं रिलैक्स
लगातार पत्थरों, बजरी और पानी में चलने के बाद लकड़ी पर चलने पर एक्टिव हुए एक्युप्रेशर प्वॉइंट्स रिलैक्स होते हैं। इसके अलावा धीरे-धीरे शारीरिक और मानसिक सुकून मिलता है।

घास पर चलना: आॅक्सीजन और ब्लड सर्कुलेशन होता है बेहतर
शरीर के एक्युप्रेशर प्वाइंट्स एक्टिव होने के बाद घास पर चलने से शरीर में आॅक्सीजन का संचार और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। जो खासकर आंखों के लिए खास फायदेमंद है और शरीर में ऊर्जा भरने का काम करता है।

बाउंड्री वॉक : मेंटल बैलेंस के लिए है ये वर्कआउट
अगली एक्सरसाइज में पीएम मोदी दोनों हाथों को फैलाकर बैलेंस बनाते हुए सर्कल में आगे की ओर बढ़े रहे हैं। सर्कल पर चलना मेंटल फिटनेस को बढ़ाता है। किनारों पर चलने के दौरान शरीर को बैलेंस रखना होता है। ऐसा करने से दिमाग पर सीधा दबाव पड़ता है जिससे एकाग्रता बढ़ती है और तनाव दूर होता है। खासबात है कि ऐसा करने से ब्रेन के दाएं और बाएं दोनों हिस्सों का इस्तेमाल होता है।

भ्रामरी: दिमागी को सुकून देने वाला प्राणायाम
पंचतत्व से जुड़ी एक्सरसाइज के अलावा वीडियो में पीएम भ्रामरी प्राणायाम करते नजर आ रहे हैं। यह प्राणायाम दिमागी सुकून देने के लिए जाना जाता है। यह चिंता, गुस्सा और हायपरटेंशन की समस्या को दूर करता है। इसके अलावा यह शरीर से गर्मी निकालकर बॉडी को कूल रखने का काम भी करता है।

बैकबोन वर्कआउट: वीडियो में पीएम एक ऐसी एक्सरसाइज भी करते नजर आ रहे हैं जो योग और वर्कआउट का कॉम्बिनेशन है। इसमें उन्होंने एक पत्थर का इस्तेमाल किया है और पूरी पीठ इस पर टिकाते हुए पैरों पर जमीन पर लगाया हुआ है। जो पीठ के दर्द को दूर करने का काम करती है।

पैरों पर ही पूरा फोकस क्यों?
एक्सपर्ट के मुताबिक हथेली और तलवों में सबसे अधिक एक्युप्रेशर प्वॉइट्स होते हैं। जितने एक्युप्रेशर प्वॉइंट्स हथेलियों में होते हैं उतने तलवों में भी होते हैं। ये ऐसे एक्युप्रेशर प्वॉइंट्स होते हैं जो पूरे शरीर को स्वस्थ रखते हैं। ज्यादातर विशेषज्ञ इन प्वाइंट्स की मदद से आंख, दिमाग, पेट, हार्ट, किडनी, लिवर और फेफड़ों से जुड़े रोगों का इलाज करते हैं। पीएम मोदी की ज्यादातर एक्सरसाइज का फोकस मेंटल हेल्थ पर अधिक है।

वर्कआउट के हर मूवमेंट का सेहत से है सम्बंध

  • वीडियो में पीएम एक पत्थर के सहारे पैरों की स्ट्रेचिंग करते नजर आ रहे हैं। इससे पैरों की मसल्स मजबूत होने के साथ एक्टिव होती हैं।
  • रीढ़ की हड्डी और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए पत्थर के ऊपर लेटकर वे स्ट्रेचिंग करते नजर आ रहे हैं। इससे पैरों, हाथों और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होने के साथ पूरा शरीर रिलैक्स होता है।
  • प्राणायाम के दौरान रक्त और आॅक्सीजन का संचार बेहतर होने के कारण शरीर में स्फूर्ति आती है।
  • ध्यान लगाने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। साथ ही एकाग्रता आती है और तनाव दूर होता है।
वीडियो में पीएम भ्रामरी प्राणायाम करते नजर आ रहे हैं। यह प्राणायाम दिमागी सुकून देने के लिए जाना जाता है। यह चिंता, गुस्सा और हायपरटेंशन की समस्या को दूर करता है। वीडियो में पीएम भ्रामरी प्राणायाम करते नजर आ रहे हैं। यह प्राणायाम दिमागी सुकून देने के लिए जाना जाता है। यह चिंता, गुस्सा और हायपरटेंशन की समस्या को दूर करता है।
बड़े गोल पत्थरों पर चलने से पैरों में मौजूद अधिकतर एक्युप्रेशर प्वाइंट्स एक्टिव होते हैं। बड़े गोल पत्थरों पर चलने से पैरों में मौजूद अधिकतर एक्युप्रेशर प्वाइंट्स एक्टिव होते हैं।
पीएम मोदी की ज्यादातर एक्सरसाइज का फोकस मेंटल हेल्थ पर अधिक है। पीएम मोदी की ज्यादातर एक्सरसाइज का फोकस मेंटल हेल्थ पर अधिक है।