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डाउनलोड करेंबीजापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के विकास का सूरज दक्षिण से उगेगा यानी कि बस्तर से निकलेगा। नया बस्तर नई उम्मीदों का बस्तर हागा। नई आकांक्षओं का बस्तर होगा। पीएम मोदी बीजापुर में आयुष्मान भारत सहित कई योजनाओं के शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने चरण पादुका योजना के तहत तेंदुपत्ता महिला संग्राहक को पीएम मोदी ने खुद पहनाई चरण पादुका। अपने संबोधन के बाद वे जांगला से हेलीकॉप्टर से जगदलपुर के लिए रवाना हो गए।
इन योजनाओं का भी किया शुभारंभ
- वेलनेस सेंटर की निर्देशिका पुस्तिका का विमोचन किया गया।
- वनधन योजना के माध्यम से जंगलों से उत्पाद प्राप्त होते हैं, उसे प्रोसेस करके बाजार में बेहतर से बेहतर दामों में बेच सकेंगे आदिवासी लोग।
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम का रिमोट दबाकर उद्घाटन किया।
- बस्तर नेट परियोजना फेस एक का शिलान्यास भी किया रिमोट का बटन दबाकर किया।
- 658 करोड़ की सहायत से 735 किमी सड़क का शिलान्यास।
- 1045 करोड़ की लगात से बनने वाली सड़क का उद्घाटन रिमोट का बटन दबाकर किया।
- कुल 1700 करोड़ रुपयों की सड़कों का शिलान्यास किया गया।
- इंद्रावती नदी पर पुल के निर्माण का भी शिलान्यास किया।
-मिंगाचल नदी में पुल का शिलान्यास किया।
- बीजापुर में वाटर सप्लाई स्कीम का शुभारंभ किया।
- दल्ली राजहरा और भानुप्रतापपुर को हरी झंडी दिखाई गई।
हल्बी से शुरू की मन की बात
- प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत छत्तीसगढ़ की हल्बी बोली में की। उन्होंने कहा- लेका लेकी पढ़तो लिखतो नोनी बाबो मनके खूबे खूबे माया (लड़के लड़कियों पढ़ो लिखो, यहां के युवाओं को खूब प्यार)।
- यहां की आदि देवी और देवताओं को सादर नमन करता हूं। इन्हांने पूरे बस्तर को प्रकृति के साथ रहना सीखाया है। अमर शहीद कैंसी को भी याद करना चाहता हूं। ये अग्रजों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे।
- वीर गुंडाधुर के रूप में भी इस इलाके में महानायक अवतरित हुआ था।
- वीर सपूतों और वीर बेटियां को भी नमन करता हू। आज भी शौर्य और पराक्रम की गाथाएं लिखी जा रही हैं।
- यहां लोगों की सुरक्षा में दिन-रात खपा देने वाले सुरक्षा बलों के अनेक जवानों ने अपने जान तक की परवाह नहीं की। ये जवान सड़क, मोबइल टावर, स्कूल और दूसरे विकास में अपना अहम योगदान दे रहे हैं।
- नक्सली और माओवदी हमले में शहीद जवानों के लिए स्मारक का निर्माण किया गया है। मैं उन शहीदों को नमन करता हूं।
- आज का दिन सवा सौ करोड़ लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
- बाबा साहब आंबेडकी की जयंती पर आप सभी हाथ उठाकर बोलिए जय भीम।
बाबा साहब के योगदान से गरीब का बेटा पीएम
- एक बार फिर छत्तीसगढ़ आया हूं। यहां आयुष्मान योजना के पहले चरण और ग्राम स्वाराज की शुरुआत करने आया हूं।
- एक गरीब मां का बेटा और अति पिछड़े इलाके से आने वाला आपका साथी यदि आज पीएम है तो इसमें भी बाबा साहब का ही योगदान है।
- आज मेरे सामने बहुत से किसान है। खेत में काम करने वाले हैं। दफ्तरों में जाने वाले लोग हैं, उनसे बेहतर करने की उम्मीद होती है, कुछ पाने का सपना होता
- विकास की दौड़ में पीछे छूटे समुदाय में चेतना जगी है।
इसलिए चुना है बीजापुर
- बीजापुर जिलों को चुनने की वजह है। मैं पढ़ने लिखने में बहुत होशियार नहीं था। मास्टर जी ऐसे बच्चों को रोक लेते और बाद में पढ़ाते थे। वो बहुत आगे निकल जाता थे।
- मैं समझता हूं कि ऐसे बहुत से लोग होंगे जिन्होंने अपने जीवन में उन्हें देखा होगा।
- आज मेरे बीजापुर होने की बड़ी वजह है कि उसके पिछड़ा होने का जो लेबल लगा दिया गया है। देश में ऐसे कई जिले हैं। बाबा साहब ने उसके लिए तमाम अधिकार दिए।
- माताओं बहनों ने भी अपने बच्चों के लिए तमाम सपने देखे। आजादी के बाद भी काेई कमी रह गई कि सौ से भी ज्यादा जिले पिछड़े हुए हैं। जबकि उनके पास प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है।
- जिन जिलों पर पिछड़े होने का लेबल लगा दिया है, उनमें भी अब काम होने जा रहा है।
- बीजापुर में इसलिए भी आया कि मैंने कहा था कि जो जिले पिछड़े थे, उनमें जो आगे निकलेंगा, उस जिले में मैं आऊंगा। बीजापुर में सौ दिनों में वो कर दिखाया है। जिसके चलते मैं यहां पर आया हूं।
- अब बाकी सौ जिलों को भी ऐसे ही आगे बढ़ना है। अब वो पीछे नहीं रहेंगे। बीजापुर के पूरे अधिकारियों को बधाई।
- अगर ठान लें तो जो काम 70 सालों में नहीं हुआ, वो अब हो सकता था।
- पुराने रास्तों पर चलते हुए नए चीजें हासिंल नहीं की जा सकती हैं। इसके लिए तौर तरीके भी बदलने होते हैं। नए लक्ष्य पाने के लिए नए तरीके अपनाने होंगे। जिलों को अपने विकास का प्लान खुद तैयार करना होगा। यहां का प्रशासन इसके लिए लोगों से बात कर योजना बनाएगा। स्थानीय संसाधनों के आधार पर प्लान तैयार करना होगा।
- जब देश आजादी के 75 साल का पर्व मना रहा होगा तब देश में हेल्थ एंड वेलफेयर सेंटकर का काफी जाल बिछ चुका है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बीमारी को रोकना भी संकल्प है। हृदय रोग की बीमारी से जुड़ी समस्या। इनको समय रहते पकड़ लिया जाए तो बढ़ने से रोका जा सकता है। वेलनेस सेंटर में तमाम तरह की जांच मुफ्त में करने का भरसक प्रयास किया जाएगा। मान लीजिए 35 साल का युवा जांच कराए और उो बीपी का पता चला तो वोक र् बीमारसयाे से बच सकता है। वो बड़े खर्चे और रिस्क दोनों से बच जाता है। परिवर्तन तब आता है जब प्रेरणा के साथ ही संसाधनों का सही उपायोग होता है।
बीजेपी की सरकार में छत्तीसगढ़ के विकास में आई तेजी
- 4 साल पहले केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ के विकास को और ताकत मिली है।
- एक बेटी ने यहां ड्रोन बनाया है। आदिवासी अंचल में एक बेटी ने ड्रोन बनाया है। ये खुशी की बात है।
- जबसे सीजी में बीजेपी की सरकार बनी है तो स्वास्थ्य सेवा में क्रांति आई है। पहले दो मेडिकल कॉलेज थे। आज 10 हैं।
- बीजापुर और आसपास के क्षेत्र में निरंतर सुधार आ रहा है। यहां कई डॉक्टर मिले कोई तमिलनाु से आए हैं। अपना जीवन इन जंगलों में खपा रहे हैं।
- सीजी के नक्शे में सबसे नीचे दिखने वाला सुकमा, दंतेवाड़ा अब विकास की राह पर है।
- उसके लिए राज्य सरकार को बधाई। सौभाग्य योजना के तहत बस्तर के हर घर में बिजली सुनिश्चित किया जा रहा है।
- बस्तर में हजारों की संख्या में सोलर पंप का वितरण भी किया जा रहा है।
- -संचार की अच्छी व्यवस्था न हो तो आगे बढ़ना मुश्किल होगा।
-बस्तर नेट परियोजना उसकी का हिस्सा है। 4 हजार ग्राम पंचायतें भारत नेट से जोड़ी जा चुकी हैं।
- मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। बस्तर अब रेल के जरिए रायपुर से जुड़ रहा है। 2 साल के भीतर
- इस साल के अंत तक जगदलपुर मे नया स्टील लांट काम करने लगेगा ।इइसे युवाओं को राजगार मिलेगा।
- हवाई जहाज से कनेक्टिविटी इस क्षेत्र को नई ऊंचाईयों तक ले जाएगी। पर्यटन के बड़े केंद्र के तौश्र पर बस्तर की पहचान होने वाली है। यहां रायपुर ही नहीं नागपुर , हैदराबाद और विशाखापट्टनम तक कनेक्टिविटी हो जाएगी।
बीजापुर के राजनीतिक मायने
- बीजापुर आदिवासी बहुल इलाका है। नक्सलवाद से प्रभावित है। यह जिला नीति आयोग द्वारा चुने गए देश के सबसे 101 पिछड़े जिलों में आता है। पीएम मोदी ने जिलाधिकारियों के सम्मेलन में कहा था कि जो पिछड़ा जिला बेहतर प्रदर्शन करेगा, वे अंबेडकर जयंती पर उन जिलों का दौरा करेंगे। सियासी वजह- इस साल 5 राज्यों में चुनाव हैं। अगले साल आम चुनाव भी हैं। ऐसे में केंद्र इस प्रोजेक्ट को सबसे बड़ी सफलता दिखाना चाहती है। आयुष्मान भारत योजना से देश की 40% गरीब जनता को इस योजना का लाभ मिलेगा।
क्या है हेल्थ वेलनेस सेंटर?
- बजट में आयुष्मान भारत की घोषणा की गई है। इसके दो कंपोनेट हैं। पहला 10.74 लाख परिवारों को मुफ्त 5 लाख रु का स्वास्थ्य बीमा। दूसरा, हेल्थ वेलनेस सेंटर। इसमें देशभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपडेट होंगे। इन सेंटर में इलाज होगा और मुफ्त दवाइयां मिलेंगी।
कितनी बीमारियों का इलाज होगा?
- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर 12 तरह की स्वास्थ्य सुविधा होगी। यहां इलाज के साथ-साथ जांच की भी सुविधा भी होगी। यही नहीं जिला अस्पताल में मरीज को जो दवा लिखी जाएगी। वह दवा मरीज को अपने घर के पास के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में उपलब्ध हो, इस पर भी काम चल रहा है।
कौन सी बीमारियां कवर होंगी?
- मैटरनल हेल्थ और डिलीवरी की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य सुविधा, कॉन्ट्रासेप्टिव सुविधा और संक्रामक, गैर संक्रामक रोगों के प्रबंधन की सुविधा, आंख, नाक, कान व गले से संबंधित बीमारी के इलाज के लिए अलग से यूनिट होगी। इसके अलावा बुजुर्गों के इलाज की सुविधा भी होगी।
अगर गंभीर बीमारियों के लक्षण मिलते हैं तो
- जांच में जिन लोगों में इन बीमारियों के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल ही जिला अस्पताल या बड़े अस्पताल रेफर किया जाएगा। वेलनेस सेंटर में ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और 3 तरह के कैंसर की जांच होगी। इनमें ओरल, ब्रेस्ट, सर्विक्स कैंसर शामिल हैं। शुरुआती स्टेज में पकड़ा जाएगा।
राज्यों में कितने वेलनेस सेंटर बनेंगे
- बिहार: 643
- छत्तीसगढ़: 1000
- गुजरात: 1185
- हरियाणा: 255
- राजस्थान: 505
- झारखंड: 646
- मध्य प्रदेश: 700
- महाराष्ट्र: 1450
- पंजाब: 800
भानुप्रतापपुर से गुदुम के बीच शुरू हुई ट्रेन
- भानुप्रतापपुर से गुदुम के बीच ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जागला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
- इस ट्रेन का परिचालन पूरी तरह से महिलाओं के हाथ में होगा। रेलवे प्रशासन महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए रायपुर मंडल में पहली बार यह प्रयोग कर रहा है। ट्रेन के ड्राइवर से लेकर गार्ड, टीटीई, स्टेशन मास्टर, वेंडर और कुली तक महिलाएं ही रहेंगी।
- रायपुर मंडल के अफसरों के मुताबिक प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद लोको पायलट प्रतिभा बंसोड़ भानुप्रतापपुर से ट्रेन लेकर रवाना हो गई। इसी तरह ट्रेन में गार्ड के तौर पर नेहा कुमारी काम कर रही हैं।
- भानुप्रतापपुर स्टेशन में स्टेशन मास्टर एस ललिता हैं। कुली के तौर पर राजकुमारी पांडे काम कर रही हैं। इसके अलावा ट्रेन में अन्य सभी कार्यों के लिए महिला स्टाफ को लगाने का निर्णय हुआ है।
- भानुप्रतापपुर कांकेर जिला में आता है और यह नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। इलाका नक्सल प्रभावित होने की वजह से ट्रेन को भारी सुरक्षा के बीच रवाना किया जाएगा। रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 15 हजार जवानों व पुलिस बल को ट्रेन की सुरक्षा में लगाया जाएगा।
- पटरी के दोनों तरफ आधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा बल तैनात होंगे और बीच से ट्रेन गुजरेगी। ट्रेन के अंदर भी सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे।
- ट्रेन सुबह 9.20 में रायपुर से दुर्ग, गुदुम होते हुए दोपहर 1.15 बजे भानुप्रतापपुर पहुंचेगी। वहां से फिर दोपहर 1.25 बजे दुर्ग के लिए रवाना हो जाएगी।
- भानुप्रतापपुर से गुदुम की दूरी 16.6 किमी है। भानुप्रतापपुर से दोपहर 12.30 बजे ट्रेन छूटकर 1.50 बजे गुदुम पहुंचेगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में बोले सीएम डॉ. रमन सिंह
- बीजापुर के जनजातिया लोगों में पीएम के दौरे से आत्मविश्वास बढ़ा है। हमारे 101 जिलों में आपने बीजापुर का चयन किया। आप बारिकी से एक एक काम को देख रहे थे। 40 से 45 मिनट आपने लोगों के साथ बिताया इससे बड़ा सौभाग्य कुछ नहीं हो सकता है।
- 35 लाख से ज्यादा गैस सिलेंडर का उपहार दिया। बीजापुर में कोई बचने वाला नहीं है जो ताली नहीं बजाएगा। सभी के लिए नई घोषण पीएम ने की है। छत्तीसगढ़ का बस्तर से बलराम पुर तक एक
आने वाले पांच महीने में शत प्रतिशत घरों में बिजली लगेगी। अंधेरे से मुक्ति जांगल ने झेल है।
- प्रधानमंत्री जी ने आदेश दिया है। भारत नेट के जरिए। हम उसका विस्तार कर रहे हैं।
- दुनिया का इतिहास बनाने वाली योजना है आयुष्मान है।
फोटो : सत्यनारायण पाठक
वीडियो : राकेश पांडेय
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