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नीरव मोदी को विशेष अदालत का समन, पेश नहीं हुए तो नए कानून के तहत संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू होगी

कोर्ट ने मेहुल चौकसी को 26 सितंबर को पेश होने के लिए कहा

Dainik Bhaskar

Aug 11, 2018, 05:13 PM IST
पीएनबी घोटाला इस साल जनवरी में पीएनबी घोटाला इस साल जनवरी में
  • 25 जुलाई को भी नीरव के खिलाफ समन जारी किया गया था
  • ईडी विजय माल्या के खिलाफ भी दे चुका भगोड़ा कोर्ट में अर्जी

नई दिल्ली. 13,000 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले में मुख्य आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ विशेष अदालत ने शनिवार को सार्वजनिक रूप से अखबारों में समन जारी किए। समन में नीरव की बहन पूर्वी और भाई निशाल मोदी का भी नाम है। यह समन नए भगोड़ा अपराधी अधिनियम के तहत जारी किए गए। मुंबई स्थित भगोड़ा आर्थिक अपराध मामलों की कोर्ट ने तीनों को 25 सितंबर की सुबह 11 बजे तक पेश होने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर इस कानून के तहत उनकी संपत्ति जब्त की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। नीरव के मुंबई स्थित दो पतों पर भी नोटिस भेजे गए हैं।

ईडी की मांग, नीरव की 3,500 करोड़ की संपत्ति जब्त की जाएः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भगोड़ा अपराधी कानून के तहत नीरव और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की थी। ईडी ने नीरव की 3,500 करोड़ की संपत्ति का ब्योरा देकर उसकी जब्ती की मांग की। ईडी की अर्जी पर कोर्ट ने नीरव को नोटिस देकर पूछा कि क्यों ना उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाए? कोर्ट ने नीरव, पूर्वी और निशाल से पूछा कि क्यों ना उनकी संपत्ति जब्त की जाए? नीरव के भाई और बहन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। भगोड़ा अपराधी कोर्ट नीरव के खिलाफ 25 जुलाई को भी समन जारी कर चुकी है। कोर्ट मेहुल चौकसी को भी पहले ही नोटिस भेज चुका है। उसे 26 सितंबर को पेश होने के लिए कहा है। बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए नहीं चुकाने वाले विजय माल्या के खिलाफ भी ईडी भगोड़ा कोर्ट में अर्जी दे चुका है। कोर्ट ने माल्या को 27 अगस्त को पेश होने के लिए कहा है।

क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानूनः इस कानून के तहत वित्तीय घोटाला कर रकम चुकाने से इनकार करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है। आर्थिक अपराध में जिनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो उन पर कार्रवाई का प्रावधान है। 100 करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया वाले बैंक लोन डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई की जा सकती है। भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियां बेचकर भी कर्ज देने वालों की भरपाई का प्रावधान है। कानून के मुताबिक, किसी आरोपी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए संबंधित एजेंसी को विशेष अदालत में याचिका देनी होगी। आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूतों के साथ उसके पते-ठिकानों और संपत्तियों का ब्योरा भी शामिल होगा। जब्त किए जाने योग्य बेनामी संपत्तियों और विदेशी संपत्तियों की सूची भी देनी पड़ेगी। साथ ही उसमें संपत्तियों से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी शामिल होगी। आवेदन मिलने के बाद स्पेशल कोर्ट आरोपी को 6 हफ्ते के अंदर पेश होने के लिए नोटिस जारी कर सकता है।

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