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नई दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक को जनवरी-मार्च तिमाही में 13,416.19 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। किसी भी भारतीय बैंक का ये अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा है। पिछले साल की चौथी तिमाही में बैंक को 262 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। बैंक की आय भी 13.6% घटकर 12,945 करोड़ रुपए रह गई है, जो पहले 14,989 करोड़ रुपए थी। 2016-2017 की चौथी तिमाही में पीएनबी को 6,232 करोड़ रुपए का ऑपरेटिंग प्रॉफिट हुआ था लेकिन इस बार 447 करोड़ का घाटा हुआ है। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के घोटाले के वजह से पीएनबी की ये हालत हुई है।
प्रोविजनिंग 4 गुना बढ़ी, एनपीए 18.38% पहुंचा
- एनपीए बढ़ने की वजह से बैंक की प्रोविजनिंग बढ़कर चार गुना हो गई है। पिछले साल के 4,910.39 करोड़ के मुकाबले इस बार 16,202.82 करोड़ रुपए की प्रोविजनिंग की गई है। वहीं 2016-17 की चौथी तिमाही के 12.53% तुलना में ग्रॉस एनपीए 18.38% हो गया है। पिछले साल यह 55,370 करोड़ रुपए था जो अब 86,620 करोड़ हो गया है। नेट एनपीए भी 7.81% से बढ़कर 11.24% पहुंच गया है।
2016-17 का मुनाफा घटा
- आरबीआई के मुताबिक पीएनबी ने 2016-17 में 2,207 करोड़ रुपए का कम एनपीए दिखाया था। इसलिए मुनाफा 1,324.8 करोड़ से संशोधित कर 532.6 करोड़ रुपए किया गया है।
पीएनबी को दूसरी बार सबसे बड़ा तिमाही घाटा
- 2016 में भी पंजाब नेशनल बैंक सबसे बड़ा नुकसान दर्ज करा चुकी है। उस दौरान बैंक को 5,367 करोड़ का लॉस हुआ था जो अन्य बैंकों के मुकाबले अब तक सबसे ज्यादा है।
| बैंक | घाटा | तिमाही |
| पीएनबी | 13,417 करोड़ | जनवरी-मार्च 2018 |
| पीएनबी | 5,367 करोड़ | जनवरी-मार्च 2016 |
| केनरा बैंक | 4,860 करोड़ | जनवरी-मार्च 2018 |
| केनरा बैंक | 3,905 करोड़ | जनवरी-मार्च 2016 |
| बैंक ऑफ इंडिया | 3,587 करोड़ | जनवरी-मार्च 2016 |
नतीजों के बाद 6% टूटा पीएनबी का शेयर, 52 हफ्ते के लो पर पहुंचा
- मंगलवार को नतीजों के बाद पीएनबी का शेयर एनएसई पर 6% और बीएसई पर 4% लुढ़क गया। दोनों दइंडेक्स पर बुधवार को भी शेयर में 10% से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
| इंडेक्स | शेयर प्राइस (रु.) | बदलाव | उच्च स्तर | निम्न स्तर (52 हफ्ते का लो ) |
| बीएसई | 86 | -3.40 रु. -3.80% |
91.45 रु. | 83.80 रु. |
| एनएसई | 83.85 | -5.45 रु. -6.10% |
91.50 रु. | 83.55 रु. |
पीएनबी घोटाले में सोमवार को पहली चार्जशीट फाइल हुई
- सीबीआई की चार्जशीट में केवी ब्रह्माजी और संजीव शरण के नाम आने के बाद दोनों के अधिकार छीन लिए गए। मंगलवार की बोर्ड बैठक में दोनों शामिल नहीं हुए।
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