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डाउनलोड करेंअशोकनगर(एमपी)। एक और जहां पुलिस मित्र योजना का ढोल पीटकर अधिकारी लोगों से अच्छे व्यवहार और दोस्ताना संबंध की बात कहते हैं। वहीं दूसरी ओर उनके अधीनस्थ पारिवारिक विवाद जैसे छोटे से मामले में युवक को सड़क पर मुर्गा बनाकर पिटाई कर रहे हैं। शुक्रवार को कुछ ऐसा ही मामला मुंगावली में देखने को मिला। इस दौरान कुछ पुलिस कर्मियों ने एक युवक की जूते, चप्पल, लाठी और पट्टे से बेरहमी सेपिटाई कर दी। जैसे ही मामला एसपी की नॉलेज में आया तो उन्होंने तत्काल घटना सेजुड़े दो प्रधानआरक्षक को निलंबित कर दिया है।
भाभी की शिकायत सुनी, मां की फरियाद अनसुनी की
मुंगावली पुलिसकर्मियों की मारपीट की कहानी सुनाते हुए पीड़ित युवक अवधेश कुमार प्रजापति ने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते उसके बड़े भाई पप्पू की पत्नी उमा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसकी दुकान पर पहुंचकर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे बीच सड़क पर किसी शातिर अपराधी की तरह मुर्गा बनाया । इसके बाद थाने में लाकर मारपीट की। जब जानकारी लगने पर युवक की मां किरण बाई और पत्नी बबीता थाने पहुंची तो उनके सामने भी मारपीट करते हुए पत्नी और मां को जेल भेजने की धमकी देते हुए 20 हजार रुपए की मांग की। युवक ने बताया कि पैसे देने के बाद भी उधारा 151 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया।
एक दिन पहले मां की शिकायत पर कार्रवाई नहीं
मुंगावली में पुलिस कितनी संवेदनहीन है, इसका उदाहरण इसी मामले से देखा जा सकता है। एक दिन पहले ही उक्त मामले में जब मां ने बड़े बेटे की शराब के नशे में गाली गलौच करने की शिकायत की तो पुलिस ने मां की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।
अशोकनगर में एसपी से पास पहुंचने पर खुला मामला
जब पीड़ित पक्ष की सुनवाई मुंगावली में नहीं हुई तो रविवार की सुबह पीड़ित परिवार एसपी बंगले पर पहुंचा। जहां से उनको पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजा गया। हालांकि इस मामले में एसपी तिलक सिंह ने प्रधानआरक्षक अनिल ओर देवेन्द्र को निलंबित कर दिया ह
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