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डाउनलोड करेंभोपाल. पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रेस- मीडिया से संबंध रखने पर कार्रवाई के फरमान के बाद राजधानी के 60 से ज्यादा वॉट्सएप ग्रुप में सन्नाटा छा गया है। पुलिस अफसरों और कर्मचारियों ने वाट्सएप ग्रुप में पोस्ट और कमेंट करना बंद कर दिया है।
एक सीनियर अफसर ने कहा है कि वॉट्सएप ग्रुप में बातचीत से जानकारियों का आदान-प्रदान होता था, लेकिन सब चुप हैं। जबकि एक अफसर ने तो ग्रुप में लिखा है कि ऊपर से कर्रे-कर्रे फरमान आ रहे हैं, नौकरी करने दो। बिना अनुमति प्रेस मीडिया से संबंध रखने पर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश पिछले हफ्ते डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला द्वारा जारी किया गया है। साथ ही डीजीपी ने सोशल मीडिया, वॉट्सएप पर आपत्तिजनक पोस्ट एवं कमेंट करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए हैं।
इस सेक्युलर के बाद पुलिस अफसरों और कर्मचारियों ने वॉट्सएप ग्रुपों से खुद को दूर कर लिया है। अफसरों का मानना है कि पोस्ट या कमेंट को वरिष्ठ अफसर किस नजर से देखते हैं, यह कोई नहीं जानता। इसलिए दूरियां बनाना ठीक है। अफसर यह भी तर्क देने में पीछे नहीं है कि प्रेस मीडिया को लेकर परिपत्र में जो उल्लेख किया गया है उसका मतलब गलत निकाला गया है।
ग्रुप में प्रेस नोट हो रहे हैं पोस्ट
पुलिस के पीआरओ अब ग्रुप में पुलिस की उपलब्धियों और कार्रवाई के प्रेस नोट पोस्ट कर रहे हैं। पहले भी प्रेस नोट वॉट्सएप पर आते थे, लेकिन अफसर घटना का ब्यौरा भी पोस्ट कर मीडिया से संपर्क में रहते थे।
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