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यूनिवर्सिटी शिक्षक को थप्पड़ मारने के मामले में शुरू हुई राजनीति, आरोपी के पक्ष में उतरी ABVP

3 वर्ष पहले
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रेवाड़ी। रेवाड़ी की इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर से अभद्रता मामला पूरी तरह तूल पकड़ चुका है। शिक्षकों के साथ ही छात्र संगठनों इनसो और एनएसयूआई के विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षक को थप्पड़ मारने के आरोपी छात्र को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया तथा उसके खिलाफ पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है। आरोपी छात्र एबीवीपी का पदाधिकारी है। इसी के चलते अब एबीवीपी पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के घेराव की चेतावनी दी है। मंगलवार को पत्रकारवार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि यदि छात्र पर दर्ज मुकदमा रद्द हो तथा शिक्षक के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। वहीं एनएसयूआई और इनसो इसके विपक्ष में खड़ी हो गई है। बता दें कि 10 मई को लॉ की परीक्षा के दौरान एक शिक्षक ने पेपर दे रहे एबीवीपी के पदाधिकारी का नकल का केस बना दिया था तथा छात्र पर थप्पड़ जड़ने के आरोप लगाए थे। तब से यह मामला तूल पकड़े हुए है। 

 

 

छात्र की मां ने रोते हुए कहा- उनका बेटा बेकसूर, भविष्य बर्बाद हो जाएगा 
- जिस छात्र पर आरोप लगाए उसकी मां उर्मिला देवी ने कहा कि उसका बेटा बेकसूर है। अपने बेटे के भविष्य बर्बाद होने की दुहाई देते हुए उर्मिला की आंखें भर आई। पिता लक्ष्मी चंद ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते उसके बेटे पर कार्रवाई की गई है। 
 

 

परीक्षा में नकल को लेकर शुरू हुआ था विवाद
- विश्वविद्यालय में परीक्षाएं चल रही हैं। 10 मई को एलएलबी द्वितीय वर्ष की परीक्षा थी। लॉ की पढ़ाई कर छात्र चमनलाल भी परीक्षा देने पहुंचा था, जो कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का जिला संयोजक भी है। 
- जिस कमरे में चमनलाल की परीक्षा थी उसमें कॉमर्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हरिओम की ड्यूटी लगी हुई थी। डॉ. हरिओम का आरोप है कि चमनलाल परीक्षा में पर्ची से नकल कर रहा था। 
- उन्होंने जब चमनलाल की यूएमसी बनाई तो चमन लाल ने अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि छात्र ने डॉ. हरिओम को थप्पड़ भी मार दिया। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। इस पर पुलिस ने छात्र के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की थी। 
- इसके बाद से मामला शांत था, लेकिन चार दिन बाद एक बार फिर से मामला तूल पकड़ गया। विवि परीक्षा नियंत्रक डॉ. डीपी गोयल ने कहा कि छात्र को निष्कासित कर दिया गया है। 
 

 

शुरू हुई राजनीति
- इस विवाद में यूनिवर्सिटी पूरी तरह राजनीति का अखाड़ा नजर आई। जिस पर छात्र पर आरोप लगे वो भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का जिला संयोजक है। 
- आरोप लगाने वाले शिक्षक के समर्थन में आए एक-दो शिक्षक इनेलो समर्थक हैं, जो कि सार्वजनिक है। प्रदर्शन करने वाला छात्र संगठन इनसो इनेलो से और दूसरा प्रदर्शनकारी संगठन एनएसयूआई कांग्रेस का छात्र संगठन है। इसी के चलते आमने सामने आए इन तीन छात्र संगठनों ने सोमवार को खूब बवाल किया।
 

 

विवाद के बीच पुलिस ने गाड़ी में बैठाया, फिर छोड़ गए 
- सोमवार को डॉ. हरिओम के साथ ही प्रो. बलकार सिंह व कुछ अन्य शिक्षक धरने पर बैठ गए। इनसो से सतेंद्र झाबुआ और एनएसयूआई अध्यक्ष अमित यादव के साथ ही अन्य कार्यकर्ताओं ने भी उनका समर्थन करते हुए धरना देना शुरू कर दिया तथा वीसी ऑफिस पर ताला जड़कर छात्र चमनलाल पर कार्रवाई की मांग की। 
- सूचना के बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के समझाने पर भी जब हंगामा जारी रहा तो प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की चेतावनी देकर पुलिस ने कुछ को गाड़ी में बैठा लिया। मगर धारूहेड़ा के पास पहुंचकर फिर से वापस विवि छोड़ दिया गया। 
 

 

परीक्षा खत्म होते हुए पुलिस ने लिया हिरासत में 
- शिक्षक और प्रदर्शनकारी संगठन लगातार छात्र की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। दोपहर 2.30 बजे परीक्षा शुरू होनी थी। बताया जा रहा है कि छात्र को पिछले दरवाजे से एंट्री कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचा गया। 
- मगर प्रदर्शनकारियों का विरोध जारी रहा। आखिर मामला बिगड़ता देख परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पहले पुलिस ने पाबंद करने (शांति भंग) के तहत कार्रवाई की थी। अब पुलिस ने शिक्षक की शिकायत के आधार पर दोबारा से केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
  

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