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स्पेस में पोट्टी करना भी किसी चुनौती से कम नहीं, सालों तक जमीन में प्रैक्टिस करते हैं एस्ट्रोनॉट

स्पेस में पोट्टी जाना भी किसी चुनौती से कम नहीं। एक रिपोर्ट में ऐसे खुलासे हुए हैं जो आपके होश उड़ा देंगे।

Danik Bhaskar | May 30, 2018, 01:08 PM IST
वॉशिंगटन. स्पेस में एस्ट्रोनॉट का रहना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन आप शायद ही जानते हों कि रोजमर्रा के कामों के लिए भी इन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ता है। यहां तक कि स्पेस में रहने के दौरान पोट्टी जाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। नासा द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में ऐसे खुलासे हुए हैं जो आपके होश उड़ा देंगे।
- इस रिपोर्ट के मुताबिक स्पेस में जाने से पहले कई कामों की तरह एस्ट्रोनॉट्स को पोट्टी जाने की भी प्रैक्टिस करनी पड़ती है। स्पेसशिप में एक विशेष तरह की टॉयलेट बनाई जाती है जो वैक्यूम से संचालित होती है। ऐसा इसलिए जिससे गंदगी जीरो ग्रैविटी में हवा में न तैरने लगे। ये टॉयलेट आम टॉयलेट से 1/4 गुना छोटी होती है।
- इसका इस्तेमाल करने के लिए एस्ट्रोनॉट्स को पहले जमीन में बनाए गए वर्चुअल टॉयलेट पर प्रैक्टिस करनी होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस टॉयलेट में एक बहुत छोटा होल होता है जिससे गंदगी बाहर जाती है। ठीक इसी प्रकार पेशाब जाने के लिए भी एस्ट्रोनॉट्स को एक छोटे से वैक्यूम
पाईप का इस्तेमाल करना पड़ता है।
कई दिनों तक एकत्रित होती है गंदगी
- स्पेस में एस्ट्रोनॉट्स का पेशाब रिसाइकिल कर पानी में बदल दिया जाता है, लेकिन पोट्टी को डिस्पोज करना होता है। इसके लिए इसे स्पेस में धरती के करीब छोड़ दिया जाता है जो जलकर राख बन जाता है। हालांकि, ये स्पेस में कुछ भी करना बहुत खर्चीला काम होता है, ऐसे में ये गंदगी कम से 10 दिन स्पेसशिप पर ही रहती है, फिर इसे एस्ट्रोनॉट्स पैक कर स्पेस में शूट कर देते हैं।