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डाउनलोड करेंइंदौर. 29 गांवों में शामिल रेवती गांव की हालत सबसे खराब है। गांव के आगे होने वाले खनन के लिए जाने वाले डंपरों के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस रोड पर बनी टाउनशिप के रहवासी दो साल से प्लॉट लेने के बावजूद वहां घर नहीं बना पा रहे हैं। कारण है सड़क और स्ट्रीट लाइट का अभाव। रहवासियों ने सीएम हेल्पलाइन पर भी बार-बार शिकायतें की, कुछ तो लेवल 4 पर भी पहुंची, लेकिन फिर बिना निराकरण किए बंद कर दी गईं। यहां की सड़क जून 2018 तक पूरी तरह बन जाना थी, लेकिन इसका काम ही अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
शिकायतकर्ताओं में एक सुखदेव नगर में रहने वाले आदित्य तलसेरा ने 1 जनवरी 2018 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। आदित्य ने भास्कर को बताया उनकी टाउनशिप रेवती रोड पर ही है। यहां दो साल पहले प्लॉट खरीदा था। कॉलोनी तो विकसित हो गई, पर वहां तक पहुंचने के लिए न सड़क है और न स्ट्रीट लाइट। परिवार की सुरक्षा को देखते हुए वे टाउनशिप में मकान नहीं बना पा रहे हैं और किराए के मकान में रह रहे हैं।
18 जून तक सड़क पूरी करने का दावा
1 मार्च को शिकायत इस आधार पर बंद कर दी गई कि 18 जून तक सड़क पूरी हो जाएगी। आदित्य ने बताया सड़क का काम शुरू ही नहीं हुआ, उसे एक महीने में कैसे पूरा करेंगे। इस पर सवाल उठाए, लेकिन जवाब नहीं मिला और शिकायत बंद कर दी गई।
59 दिन में 34 बार स्टेटस अपडेट
शिकायत में आदित्य ने बताया कि घोषणा अनुसार यह सड़क 16 दिसंबर 2016 को बनना शुरू होना थी और इसका काम पूरा करने की अंतिम तिथि 18 जून 2018 है। 1 जनवरी को हुई शिकायत के बाद सीएम हेल्पलाइन से इस पर 34 बार स्टेट्स अपडेट किया गया। इसमें तीन बार शिकायत लेवल 4 के अधिकारी तक पहुंची, लेकिन शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना ही बंद कर दी गई। इसमें कारण बताया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा है कि जल्द काम पूरा कर देंगे। अभी क्षेत्र के पुल-पुलियाओं का काम किया जा रहा है।
42 हजार लाइटें लगेंगी, लेकिन कब, यह नहीं बताया
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने स्ट्रीट लाइट नहीं होने की शिकायत भी सीएम हेल्पलाइन पर की थी। इसमें कहा गया कि संबंधित विभाग (नगर निगम) ने पूरे शहर में 42 हजार एलईडी लाइट्स लगाने का काम शुरू किया है। जल्द ही पूरे गांव को रोशन किया जाएगा। इसे भी दो महीने हो गए, लेकिन एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी।
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