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इस रविवार पानी में आकड़े के फूल मिलाकर दें सूर्य को अर्ध्य, हो सकता है भाग्योदय

Dainik Bhaskar

May 11, 2018, 05:00 PM IST

रविवार को होने ये यह रवि प्रदोष कहलाएगा। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।

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रिलिजन डेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, इस बार 13 मई, रविवार को प्रदोष व्रत है। रविवार को होने ये यह रवि प्रदोष कहलाएगा। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। रवि प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…

ऐसे करें व्रत व पूजा
- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।
- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।
- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दोबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।
- भगवान शिव को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।
- भगवान शिव की आरती करें। भगवान को प्रसाद बांट दें और उसी से अपना व्रत भी तोड़ें। रात में ब्रह्मचर्य का पालन करें।

ये उपाय करें
रविवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिव को विशेष प्रिय है। ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिव की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।

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