50 हजार का इनामी कुख्यात प्रजीत मुंबई से धराया 27 जनवरी को न्यायिक हिरासत से हुआ था फरार

Bettiah Bagha News - 50 हजार रुपये का इनामी कुख्यात सजायफ्ता प्रजीत सिंह उर्फ प्रसन्नजीत सिंह को बेतिया पुलिस मुंबई से गिरफ्तार कर ली...

Mar 27, 2020, 06:31 AM IST

50 हजार रुपये का इनामी कुख्यात सजायफ्ता प्रजीत सिंह उर्फ प्रसन्नजीत सिंह को बेतिया पुलिस मुंबई से गिरफ्तार कर ली है। प्रजीत बेतिया में एक ही परिवार के तिहरे हत्याकांड का आरोपी है। वह बेतिया पुलिस को चकमा देकर 27 जनवरी 2020 को फरार हो गया था। तबसे पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार टोह लगाये बैठी थी। इसी क्रम में पुलिस को प्रजीत को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। एसपी निताशा गुड़िया ने बताया कि कुख्यात प्रजीत सिंह वर्ष 1998 में बेतिया नगर थाना क्षेत्र के ठाकुर सदन में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी थी। घटना को लेकर बेतिया नगर थाना में अप्रैल 1998 में प्राथमिकी हुई। कोर्ट द्वारा प्रजीत सिंह को फांसी की सजा दी गई। मामले में प्रजीत के परिजनों ने राष्ट्रपति से क्षमा याचना की। जिसके बाद उसकी सजा फांसी से आजीवन कैद में बदल दी गई। उस समय प्रजीत बक्सर केन्द्रीय कारा में बंद था। वहीं, से 2016 में वह फरार हो गया।

14 नवंबर 17 को मुंबई में प्रजीत को बेतिया पुलिस ने किया गिरफ्तार

बेतिया पुलिस 14 नवंबर 2018 को मुंबई पहुंचकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से प्रजीत को गिरफ्तार कर ली। उसे बेतिया मंडलकारा में बंद किया गया। करीब दो वर्षो तक बेतिया मंडलकारा में रहने के पश्चात कुख्यात प्रजीत न्यायाल में पेशी के दौरान पुलिस को चकमा देकर अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया। एसपी ने कहा कि प्रजीत पर पुलिस मुख्यालय के द्वारा पचास हजार रुपये का इनाम रखा गया था।

फरार होने पर हरसिद्धी, सुगौली थानाध्यक्ष से मांगी थी रंगदारी

जेल से फरार होने के बाद कुख्यात प्रजीत सुगौली व हरसिद्धी थानाध्यक्ष से रंगदारी की मांग कर डाली। दोनों थानाध्यक्षों के मोबाइल पर फोन कर 20 बीस लाख रुपए रंगदारी मांगी थी। मामले में हरसिद्धी थाना में कांड दर्ज हुई। प्रजीत ने पुन: तिहरे हत्याकांड के परिवार से 15 लाख रंगदारी मांगी। मामले में कालीबाग ओपी में प्राथमिकी हुई थी।

प्रजीत सिंह

कुख्यात पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर का है निवासी

कुख्यात प्रजीत पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर थाना के इंद्रगाछी गांव का निवासी है। जो पहले बेतिया के ठाकुर सदन के प्रकाश से दोस्ती के बाद उसके घर पर रहने लगा। 1991 मंे प्रकाश से दोस्ती हुई। इसी बीच मिर्जाटोली छावनी में प्रकाश का घर बन गया। उसके बाद प्रजीत भी प्रकाश के यहां रहने लगा। 1998 में प्रकाश के घर के 3 लोगों काे मार डाला।

प्रजीत के भागने के बाद बढ़ा दी थी ठाकुर सदन की सुरक्षा

प्रजीत सिंह के फरार होने के बाद से पुलिस द्वारा ठाकुर सदन की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। साथ ही पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी थी। इसी बीच पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। टीम में सिकटा थानाध्यक्ष राजेश कुमार झा, संजय कुमार, निर्भय कुमार, टेकनिकल सेल के मुन्ना कुमार आदि शामिल रहे।

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