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डाउनलोड करेंइंदौर। हिमाचल के पूर्व गवर्नर विष्णु सदाशिव कोकजे बीएचपी के नए अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। कोकजे के चुनाव में जीत के साथ ही 32 साल से चले आ रहे प्रवीण तोगड़िया युग का समापन हो गया। कोकजे मप्र के धार जिले के रहने वाले हैं और उन्होंने इंदौर में रहकर पढ़ाई की थी। बता दें कि 1964 में विश्व हिंदू परिषद की स्थानपा की गई थी। 54 साल में पहली बार विश्व हिंदू परिषद ने अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव करवाया है। दो उम्मीदवारों के नाम पर परिषद सदस्यों में सहमति नहीं बनने के बाद चुनाव का फैसला किया गया था। पार्टी संविधान के अनुसार अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव की नियुक्ति करता है।
गुरुग्राम में हुई वोटिंग में 192 सदस्यों ने किया मतदान
- शनिवार को गुरुग्राम स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अध्यक्ष पद के लिए वोट डाले गए। इसमें बीएचपी के 273 में से 192 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया। जिसमें कोकजे ने तोगड़िया के करीब माने जाने वाले राघव रेड्डी को पराजित किया। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए पूरी प्रकिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई गई।
जानें, बीएचपी के नए अध्यक्ष के बारे में...
बीएचपी के नए अध्यक्ष का जन्म 6 सितंबर 1939 को मप्र के धार जिले के कुकसी गांव में हुआ था।
- कोकजे की शिक्षा इंदौर में हुई और यहीं से उन्होंने वकालत पास की डिग्री हासिल की।
- जुलाई 1990 में उनकी नियुक्ति मप्र हाईकोर्ट के रूप में हुई और चार साल तक वे इस पर पर रहे।
- इसके बाद अप्रैल 1994 में उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया, यहां वे 2001 तक रहे।
- इसके बाद उन्हें 2003 में हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया, जहां वे 2008 तक रहे।
- इसके अलावा वे संघ से जुड़ी भारत विकास परिषद के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
तोगड़िया को हटाने की यह हो सकती है वजह
- तोगड़िया लंबे समय से पीएम मोदी की आलोचना करते आ रहे हैं। इस कारण दोनों के रिश्ते में दरार आ गई थी। तोगड़िया का इस प्रकार से खुले मंच पर पीएम की आलोचना और 2019 के चुनाव को देखते हुए संघ और बीजेपी दोनों ही तोगड़िया को फिर से अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में थे।
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