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रघुवंशी समाज के प्रदेश अध्यक्ष अजय और अंशु को पद से हटाया, मंत्री के साथ प्रीति के घर जाने का मामला

3 वर्ष पहले
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रायसेन.  लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह राजपूत की बहू प्रीति रघुवंशी आत्महत्या मामले में फिर नया मोड़ आ गया है। अब अखिल भारतीय रघुवंशी (क्षत्रिय) महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हजारीलाल रघुवंशी ने प्रीति के परिजनों पर दबाव डालने के चलते समाज के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अंशु रधुवंशी को  निलंबित कर दिया है। ये दोनों 16 अप्रैल को मंत्री रामपाल सिंह के साथ प्रीति के घर गए थे। साथ ही इन पर परिजनों पर दबाव बनाने का आरोप लगा था। इन दोनों पदाधिकारियों से 24 अप्रैल तक अपना पक्ष रखने काे कहा गया है।

 

इस संबंध में महासभा के महासचिव उमाशंकर रघुवंशी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के हवाले से यह निलंबन वाला पत्र जारी किया है, उसमें लिखा है कि स्व. प्रीति रघुवंशी के प्रकरण में आपके द्वारा पूर्व में भी तथा 16 अप्रैल को पीड़ित परिवार पर उनकी इच्छा के विरुद्ध समझौता के लिए दबाव बनाया। इस संबंध में रघुवंशी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हजारी लाल रघुवंशी से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि प्रीति मामले में किसी प्रकार का दबाव बनाना ठीक नहीं है।  इसलिए दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 

 

समस्या हल करने का प्रयास किया  
रघुवंशी समाज के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी का कहना है कि प्रीति के परिवार के साथ बैठकर उसकी समस्या को हल करने के प्रयास में उन्हें निलंबित किया गया है तो यह उन्हें मंजूर है।

 

हमने कोई दबाव नहीं बनाया 
रघुवंशी क्षत्रिय महासभा महिला इकाई की प्रदेश अध्यक्ष अंशु रघुवंशी ने कहा कि हम परिजनों से मिलने जरूर गए थे, लेकिन वहां पर हमने परिवार पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं बनाया।

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