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डाउनलोड करेंभोपाल. पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधु प्रीति रघुवंशी द्वारा की गई खुदकुशी के मामले में पुलिस की जांच संदेह के घेरे में है। छह दिन से लापता प्रीति के छोटे भाई दीपक ने एसडीओपी राजाराम साहू पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीओपी के सामने दबाव बनाकर मेरे बयान दर्ज किए गए हैं। एसडीओपी के कहने पर ही रायसेन में एक शपथ-पत्र में मेरे हस्ताक्षर कराए गए। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण मुझे यह नहीं मालूम कि मेरे क्या बयान दर्ज किए हैं। जबकि पुलिस ने दीपक के जो बयान दर्ज किए हैं उसमें बताया गया है कि प्रीति की शादी का जब घर में पता चला तो उसका सभी से झगड़ा होता था। पुलिस इसी झगड़े को आत्महत्या से जोड़कर जांच पूरी करने का मन बना चुकी है।
कहा- क्या बयान दर्ज कराए, कुछ पता नहीं
- दीपक 7 अप्रैल की रात से लापता था। दो दिन पहले घर लौटे दीपक ने खुलासा किया कि मोनू राय और उसके साथी उसे भोपाल लेकर गए थे। रास्ते में उसे शराब पिलाई और खाने में भी कुछ नशीला पदार्थ दिया। जिस कारण वह पूरे समय नशे की हालत में था। मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। कुछ लोगों ने दबाव बनाकर नशे की हालत में एसडीओपी के सामने बयान दर्ज कराए। क्या बयान दर्ज कराए, कुछ पता नहीं है।
- बयान के बाद एसडीओपी ने उन लोगों से बोला था कि रायसेन में एक शपथ पत्र पर दीपक के हस्ताक्षर करा लेना। इसके बाद दोबारा मुझे कहीं लेकर चले गए। दो दिन पहले भोपाल से बस में बैठाया और उदयपुरा थाने पहुंचने को कहा था। थाने से घर फोन किया तो परिजन लेने पहुंचे थे।
पुलिस का कहना है कि दीपक नशे का आदी
- दीपक का कहना है कि आज भी उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वहीं पुलिस का कहना है कि दीपक नशे का आदी है। उसने अपने बयान में कहा है कि जब से प्रीति और गिरिजेश की शादी का पता चला था तब से घर में उसका सभी से विवाद होता था। वह परेशान भी रहती थी।
- दीपक के इस बयान के बाद से पुलिस की जांच का रुख बदल गया है। वहीं, प्रीति के पिता चंदन सिंह से पुलिस ने गिरिजेश की दूसरी सगाई के सबूत मांगे हैं। इस संबंध में गिरिजेश अौर उनके पिता ने पुलिस को कहा है कहीं रिश्ते की बात ही नहीं चली तो हम क्या जानकारी दें।
न्याय दिलाने के लिए नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री को लिखा पत
- मप्र वि में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधु प्रीति रघुवंशी के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने प्रीति रघुवंशी आत्महत्या कांड और उससे जुड़े पहलुओं की जानकारी दी है।
- श्री सिंह ने पत्र में लिखा है कि प्रीति रघुवंशी के मामले में 28 दिन हो गए हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। वह सिर्फ मंत्री रामपाल सिंह को बचाने में ही लगी हुई है।प्रीति रघुवंशी के भाई दीपक का अपहरण किया गया और उसे छह दिन बाद छोड़ा गया, उसका अपहरण भी पुलिस के संरक्षण में और दबाव डालने के लिए किया गया। भोपाल आईजी मंत्री रामपाल सिंह से मिलने उनके बंगले गए, लेकिन किसी भी बड़े अफसर ने प्रीति रघुवंशी के परिवार से मिलना ठीक नहीं समझा।
पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है
नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है। प्रीति रघुवंशी के परिजनों के न्याय की आस खत्म हो चुकी है। ऐसे में आपने जो बयान कठुआ और उन्नाव के संदर्भ में दिया है, उसका पालन मध्यप्रदेश में भी करवाएं। शिवराज सरकार को निर्देशित करें कि वह रामपाल को मंत्री पद से हटवाएं जिसका दुरुपयोग वे दबाव डालने में कर रहे हैं। इसके साथ ही मंत्री परिवार पर एफआईआर दर्ज करवाएं। उन्होंने कहा कि तभी आपके कहने का कोई अर्थ होगा वरना यह भी अच्छेदिनों की तरह जुमला बनकर न रह जाए
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