पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंबेगूं/जावदा(चित्तौड़गढ़). जावदा आदर्श पीएचसी के बाहर गुरुवार रात्रि तीन बजे प्रसूता पीड़ा से तड़पती रही। अस्पताल खुला था, लेकिन कार्मिक नहीं थे। परिजनों ने डॉक्टर को जगाने के लिए आवाजें लगाईं, कंकड़ भी फेंके, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। मजबूरन प्रसूता को सेवानिवृत्त कंपाउंडर के यहां ले गए, डिलिवरी से शिशु हुआ, कुछ पल के लिए परिजनों में खुशी का माहौल हो गया। प्रसूता को घर ले गए। प्रसव सही प्रकार से नहीं होने के कारण करीब तीन घंटे बाद तेज ब्लीडिंग होने से प्रसूता की मौत हो गई। देवपुरा निवासी समुंदर देवी पत्नी हेमराज को गुरुवार रात्रि दो बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने 108 पर कॉल किया, लेकिन नेटवर्क न मिलने से कॉल नहीं हुई। किराए की जीप से सात किमी दूर जावदा स्थित आदर्श पीएचसी पर करीब रात ढाई पहुंचे। अस्पताल में कोई कार्मिक नजर नहीं आया। अंत में जावदा में ही एक सेवानिवृत्त कंपाउंडर के क्लीनिक ले गए और उसी से महिला का प्रसव कराया।
#तीन स्तर पर लापरवाही, जिसने ले ली प्रसूता की जान
दो दिन से नेटवर्क नहीं, 108 से संपर्क नहीं हुआ
यहां दो दिन से बीएसएनएल का नेटवर्क नहीं मिल रहा। मृतका के पति हेमराज ने 108 पर फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। शुक्रवार शाम भी नेटवर्क नहीं थे। समय पर प्रसूता अस्पताल नहीं लाई जा सकी।
डॉक्टर की मौजूदगी में डिलिवरी नहीं होना
जावदा आदर्श पीएचसी है। यहां नियुक्त डॉक्टर की मौजूदगी में यदि समुंदर देवी का प्रसव कराया जाता तो ज्यादा ब्लीडिंग नहीं होती या फिर जटिलता होने पर रैफर कर सकते थे। इससे प्रसूता की जान बच सकती थी।
अस्पताल खुला था पर कोई कार्मिक नहीं मिला
नियमानुसार आदर्श पीएचसी पर 24 घंटे ऑन कॉल डॉक्टर उपलब्ध रहना चाहिए। डॉक्टर का मुख्यालय पर ही ठहरने का नियम है, लेकिन यहां डॉक्टर तो दूर कोई कार्मिक नहीं मिला। परिजनों ने भी ब्लीडिंग पर ध्यान नहीं दिया।
परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप
- मृतका के पति हेमराज भील सहित परिजनों ने आरोप लगाया कि काफी आवाज लगाने और किवाड़ पर कंकड़ मारने के बाद भी डॉक्टर ने दरवाजा नहीं खोला, डॉक्टर की यह लापरवाही भी समुंदर देवी मौत के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है।
- प्रसूता ने एक शिशु को जन्म दिया। तो परिजन जच्चा-बच्चा को लेकर जीप से देवपुरा गांव ले आए। इस बीच प्रसूता को ब्लीडिंग होती रही और घर आने के तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
- जिस जीप में समुंदर देवी को जावदा से देवपुरा प्रसव के बाद लाया गया। उसके चालक हीरालाल धाकड़ ने बताया कि जीप की सीटें खून से सनी हुई थीं। इसके बावजूद परिजनों ने भी ध्यान नहीं दिया।
घर पर प्रसूता को लाया गया, इसकी जानकारी नहीं : डॉक्टर
गुरुवार रात देवपुरा की किसी भी प्रसूता को जावदा लाने के लिए 108 पर कॉल नहीं आया। अस्पताल में उक्त प्रसूता को लाया गया, वे मेरे निवास पर आए और मुझे रात में जगाने का प्रयास भी किया। इसकी जानकारी नहीं है।
-डॉ. सुधेश राघव, आदर्श पीएचसी जावदा
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.