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डाउनलोड करेंजयपुर. राजस्थान सरकार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों की तर्ज पर अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन को बंद करने की तैयारी है। कार्मिक विभाग ने इसके लिए इसकी फाइल चला दी है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय की ओर से भी कुछ महीने पहले ही जारी किए गए सकुर्लर में स्पष्ट था कि कोई भी राज्य सरकार अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन करने के लिए बाध्य नहीं है। उसी का हवाला देकर अब कार्मिक विभाग यह कदम उठाने जा रहा है।
- कार्मिक विभाग ने डेढ़ माह पहले एक सकुर्लर जारी किया था, जिसमें अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन के लिए अनुभव सीमा को 18 साल से घटाकर 17 साल कर दिया गया था। इसका जोरदार विरोध हुआ। आरएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और सीएस को रिप्रजेंटेंशन दिया था, जिसमें उल्लेख किया था कि अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन की प्रक्रिया को बंद किया जाए।
- गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने भी अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन प्रक्रिया को बंद करने के लिए सीएम को पत्र भेजा था।
- दूसरी ओर लेखा सेवा सहित विभिन्न संघों ने अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन का कोटा बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव को ज्ञापन दिया गया था।
प्रमोशन का इसलिए हो रहा है विरोध
- राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) में 28 साल की सेवा पूरी करने के बाद किसी अफसर को आईएएस बनने का मौका मिल रहा है। जबकि इससे कम अंक पाने वाले अन्य सेवा के लोगों को 28 के बजाय 18 साल में ही मौका मिल रहा है। उसकी भी अवधि कम करके 17 साल कर दी गई है। आरएएस अफसरों के विरोध का मुख्य कारण यही है।
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