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  • In The 35th Raising Day Program Of Comfed, Sushil Modi Said That Use Sudha's Product In Marriage And Other Ceremonies.

देसी नस्ल के दुधारू पशुओं का संरक्षण और विकास जरूरी: उप मुख्यमंत्री

3 वर्ष पहले
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पटना. उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को वे कॉम्फेड के 35वें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि देसी दुधारू पशुनस्लों को संरक्षण और विकास जरूरी है। विदेशी पशु नस्ल रखें, लेकिन देसी नस्लों पर ध्यान देना जरूरी है। यहां की भीषण गर्मी विदेशी नस्ल के पशु बर्दास्त नहीं कर सकते, जबकि देसी नस्ल के मौसम के अनुरूप ठीक है। देसी नस्ल के पशुओ के रिसर्च व विकास के लिए डुमरांव में संस्थान खोला जा रहा है। राज्य के लोगों को शादी-विवाह और अन्य उत्सव पर सुधा की मिठाई, दूध और दही का उपयोग करना चाहिए। 

 

उन्होंने कहा कि नए संयंत्र लगने से राज्य में उत्पादन क्षमता 62 टन से बढ़ कर 122 टन हो जाएगा। आइस्क्रीम उत्पादन क्षमता 3 हजार एमटी से बढ़ कर 43 हजार टन हो जाएगा। सुधा का चमचम पहले जहां 17 टन उत्पादन होता था, अब 417 टन उत्पादन हो रहा है। 2005 के पहले रायबरेली यहां से दूध जाता था और वहां से पाउडर बन कर लाया जाता था। पहले यहां पशुपालन विभाग का कोई मंत्री बनना नहीं चाहता था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। कृषि रोड मैप के आधार पर अगले चार-पांच साल में दूध उत्पादन प्रति दिन 50 लाख लीटर का लक्ष्य रखा गया है।

 

ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कृषि व पशुपालन के विकास की योजना शुरू की गई। बिहार में पशुपालन की भरपूर संभावना है। यहां पानी की भरपूर उपलब्धता के कारण हरा चारा की कमी नहीं है। पहले यहां गुजरात का दूध आता था। बिहार में मक्का का उत्पादन होता है, इसका उपयोग पशु दाना के रूप में कर किसान अधिक दूध उत्पादन ले सकते हैं। अब तो यहां बिजली की पर्याप्त उलब्धता है, इसलिए डेयरी संयंत्र लगाने में कोई परेशानी नहीं है।

 

पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा कि कॉम्फेड के माध्यम से लगातार राज्य में दूध उत्पादन बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में रोजगार की संभावना बढ़ी है। दूध उत्पादन से गांव की अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। सहकारिता मंत्री राणा रणधीर ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से दूध उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। राज्य गांव में आर्थिक विकास की काफी संभावनाएं हैं। पशु व मत्स्य संसाधन विभाग की सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने कहा कि कॉम्फेड ने छठ के मौके पर ठेकुआ और मकर संक्रांति पर दही चूड़ा प्रोडक्ट बाजार में उतारा था। 2653 दुग्ध उत्पादक महिला समिति में 1.27 लाख महिलाएं जुड़ चुकी हैं। अभी कॉम्फेड देश में दूध उत्पादन में 9 वें स्थान पर है, हमें पहला या दूसरा स्थान पर लाना है। कॉम्फेड की एमडी शिखा श्रीवास्तव ने स्वागत करते हुए उपलब्धियां गिनायी। धन्यवाद ज्ञापन कॉम्फेड के महाप्रबंधक राजीव वर्मा ने किया। मौके पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्र, मनीष वर्मा सहित विभिन्न दुग्ध उत्पादन समितियों के लगभग 5 हजार सदस्य मौजूद थे।

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