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निपाह वायरस के लिए नहीं है कोई ट्रीटमेंट, इन 5 सावधानियों से बचाई जा सकती है जान

WHO के अनुसार इस वायरस के लिए किसी प्रकार का कोई वेक्सीन उपलब्ध नहीं है जो इंसानों और जानवरों को दिया जा सके।

dainikbhaskar.com | Last Modified - May 22, 2018, 04:18 PM IST

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    हेल्थ डेस्क।निपाह वायरस से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। स्टेट गर्वनमेंट ने इसे सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस कहा है। सरकार ने इस वायरस से लड़ने के लिए 20 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड भी कोझिकोड मेडिकल कॉलेज को दिया है ताकि इस फीवर से राहत दिलाई जा सके।

    WHO के अनुसार इस वायरस के लिए किसी प्रकार का कोई वेक्सीन उपलब्ध नहीं है जो इंसानों और जानवरों को दिया जा सके। NiV से इंफेक्टेड पेंशेट की सिर्फ केयर की जा सकती है। श्री गंगा राम हॉस्पिटल के मेडिसिन डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट अतुल गोगिया के अनुसार यह इस वायरस का इंफेक्शन दूसरे वायरल इंफेक्शन की तरह है। यह रेसपायरी और सेंट्रल नर्वस सिस्टम को अफेक्ट करता है। डॉ के अनुसार इस वायरस से बचाने के लिए डॉक्टर सर्पोटिव केयर कर सकते हैं।

    इन देशों को भी अफेक्ट कर चुका है ये वायरस
    >बंग्लादेश में 2001 से 2013 के बीच इस वायरस ने कई बार हमला किया है।
    >2013 की ICMR रिसर्च पेपर के अनुसार ये कंबोडिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, साउथ अफ्रीका और घना, वेस्ट अफ्रीका में डिटेक्ट किया जा चुका है। जिसका कारण चमगादड़ का कुतरा हुआ फल ही था।

    इसके पहले भी आ चुका है इंडिया
    -इंडिया में ये वायरस 2001 में बेस्ट बंगाल के सिलिगुड़ी में डिटेक्ट किया गया था।
    -इसके बाद 2007 में बेस्ट बंगाल में यह डिटेक्ट किया गया। साइंटिस्ट ने पाया कि लोगों में ये वायरस कच्चे पाम पेड़ से तोड़कर पीने से ये बीमारी फैल रही है।

    तीन तरह से फैलता है ये वायरस
    -इंफेक्टेड चमगादड़ के संपर्क में आने से।
    -इंफेक्टेड पिग के संपर्क में आने से।
    -वायरस से इंफेक्टेड पेशेंट के संपर्क में आने से।

    ऐसे इंसानों तक पहुंच रहा है ये वायरस

    - निपाह वायरस से इन्फेक्टेड चमगादड़ या कोई और पक्षी किसी फल पर चोंच मारता है या खाता है, तो ये वायरस फ्रूट में आ जाता है। ये फल कोई भी हो सकता है।

    - वायरस वाला फ्रूट मार्केट से आपके घर तक पहुंच सकता है। अगर आप इन्हें खा लेते हैं तो आप भी निपाह वायरस के शिकार हो सकते हैं।

    - यदि किसी सूअर में यह वायरस है तो उसके जरिए भी इसका इन्फेक्शन आप तक पहुंच सकता है।

    - इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति इस वायरस से इन्फेक्टेड है और आप उसके संपर्क में आते हैं तो आप इसके शिकार हो जाएंगे।

    आगे की स्लाइड्स पर जानिए कैसे बच सकते हैं इस वायरस से...

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    मायो क्लिनिक के माइक्रोबायलॉजी और इम्यूनोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉ बेनजामिन कहते हैं इस वायरस से बचने के लिए अब तक कोई ट्रीटमेंट उपलब्ध नहीं है। कुछ सावधानियों से ही इससे इंफेक्टेड होने बचा जा सकता है। आइए जानते हैँ उनके बारे में।

    1. सुनिश्चित करें कि आप जो खाना खा रहे हैं वह किसी चमगादड़ या उसके वेस्ट से खराब तो नहीं हुआ है। चमगादड़ के कुतरे हुए फल न खाएं।

    2. पाम के पेड़ के पास खुले कंटेनर में बनी टोडी शराब पीने से बचें।

    3. बीमारी से पीड़ित किसी भी व्यक्ति से संपर्क न करें. यदि मिलना ही पड़े तो बाद में साबुन से अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें।

    4. टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाली चीजें, जैसे बाल्टी और मग को खास तौर पर साफ रखें।

    5. इंफोक्लीनिक की पोस्ट के अनुसार निपाह बुखार से मरने वाले किसी भी व्यक्ति के मृत शरीर को ले जाते समय चेहरे को ढंकना जरूरी है। मृत व्यक्ति को गले लगाने से बचें। इसके साथ ही बॉडी को नहाते समय विशेष सावधानियां रखने की बात कही गई है।

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Web Title: How To Prevent Nipah Virus: You Should Know About It
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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