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लगातार 27वें दिन बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बढ़ने से आम लोग परेशान हैं, पर राज्य सरकारों का फायदा बढ़ रहा है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:12 AM IST
पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बढ़ने से आम लोग परेशान हैं, पर राज्य सरकारों का फायदा बढ़ रहा है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादा दाम से 19 प्रमुख राज्यों को 2018-19 में 22,702 करोड़ रु. की अतिरिक्त कमाई होगी। यह आकलन साल में कच्चे तेल की औसत कीमत 75 डॉलर बैरल और डॉलर का मूल्य 72 रुपए मान कर किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य पेट्रोल के दाम औसतन 3.20 रु. और डीजल के 2.30 रु. घटा दें, तब भी रेवेन्यू उनके बजट अनुमान के बराबर रहेगा। राज्य पेट्रोल-डीजल की कीमत और डीलर कमीशन पर वैट वसूलते हैं। जिन 19 राज्यों पर रिसर्च है, वहां पेट्रोल पर वैट 24% से 39% तक और डीजल पर 17% से 28% तक है। कीमत बढ़ने के साथ वैट के रूप में वसूली बढ़ने से राज्यों की कमाई भी बढ़ जाती है। केंद्र की एक्साइज ड्यूटी फिक्स्ड होती है। अभी पेट्रोल पर यह 19.48 रु. और डीजल पर 15.33 रु. लीटर है। राजस्थान और आंध्रप्रदेश सरकार के बाद प. बंगाल ने राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमत एक रु. घटा दी।



एसबीआई की रिपोर्ट- राज्य पेट्रोल के दाम 3.20 रु. और डीजल के 2.30 रु. घटा दें तो भी सरकारों को कोई नुकसान नहीं होगा

3 साल में राज्य और केंद्र दाेनों को फायदा

राज्य को: वैट कलेक्शन 34% तक बढ़ गया

2.0

1.5

1.0

0.5

00

1.37

लाख करोड़

2014-15

सबसे ज्यादा फायदे वाले 12 राज्य (आंकड़े करोड़ में)

महाराष्ट्र 3,389

गुजरात 2,842

तमिलनाडु 2,109

उत्तर प्रदेश 1,895

राजस्थान 1,686

हरियाणा 1,239

मध्य प्रदेश 1,131

पंजाब 837

बिहार 575

छत्तीसगढ़ 543

झारखंड 441

उत्तराखंड 171

1.84

लाख करोड़

2017-18

केंद्र को: एक्साइज ड्यूटी से कलेक्शन 130% बढ़ गया

250

200

150

100

50

0

99

हजार करोड़

2014-15

2.29

लाख करोड़

2017-18

अप्रैल से पेट्रोल 9.95% और डीजल 13.3% महंगा हुआ

मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 80.87 रुपए और डीजल की 72.97 रुपए लीटर हो गई। दोनों के दाम 14 पैसे बढ़े। अप्रैल से अब तक पेट्रोल 9.95% और डीजल 13.3% महंगा हुआ है।

रुपया 72.74 तक गिरा, 8 महीने में 13% कमजोर

मंगलवार को डॉलर की तुलना में रुपया 72.74 के रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया। हालांकि दिन के अंत में यह 24 पैसे कमजोर होकर 72.69 पर बंद हुआ। भारतीय करेंसी अप्रैल से अब तक 11.5% और जनवरी से 13% गिर चुकी है।

सेंसेक्स 509 अंक गिरा, 10 दिन में 1,483 अंक नीचे

रुपया कमजोर होने और अमेरिका का ट्रेड वार बढ़ने की आशंका के चलते सेंसेक्स 509 अंक गिर गया। यह 6 महीने में सबसे बड़ी गिरावट है। 28 अगस्त को 38,896 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद 10 दिनों में इंडेक्स 3.8% गिर चुका है।