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डाउनलोड करेंमनीष शुक्ला
बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
\'मैं बॉक्सिंग का खेल खेल सकती हूं. मुझे पता है कि रिंग के अंदर किस तरह खेलते हैं.\'
\"मैं ये तो नहीं कहूंगी कि मैं रिंग के अंदर जाकर मैरी कॉम बन जाती हूं पर हां अब मेरे मुक्के काफ़ी मज़बूत हो गए हैं.\"
ये कहना है अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का जिनसे हमने ख़ास बातचीत की.
अवार्डअभिनेता इमरान हाश्मी ने हाल ही में बीबीसी से कहा कि उन्हें अवॉर्ड फ़ंक्शन्स में बिलकुल भी भरोसा नहीं है. इमरान को लगता है कि अवॉर्ड उन्हीं को मिलता है जो उन अवॉर्ड फ़ंक्शन में नाचता है.
पर अगर प्रियंका की मानें तो वो तो बिलकुल इसके विपरीत सोचती हैं.
प्रियंका कहती हैं, \"जब अवॉर्ड मिलते हैं तो बहुत अच्छा लगता है. ऐसा लगता है कि आपके काम की सराहना की जा रही है. आप अपने दोस्तों और परिवार के सामने होते हो और आपके परिश्रम की सराहना की जाती है.\"
वो आगे कहती हैं, \"अवार्ड न मिलने पर मुझे बुरा लगता है पर अवार्ड मिलना न मिलना हमारे बस में नहीं होता है.\"
बाजीराव मस्तानीप्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में कहा कि फ़िल्म \'बाजीराव मस्तानी\' उनका इम्तिहान ले रही है क्योंकि एक पीरियड फ़िल्म में किरदार निभाना बहुत ही ज़्यादा मुश्किल होता है.
पर प्रियंका को \'मैरी कॉम\' ज़्यादा मुश्किल लगी या फिर \'बाजीराव मस्तानी\'?
प्रियंका कहती हैं, \"मैरी कॉम में मुझे अलग तरह की परेशानियों से जूझना पड़ा. मैं शारीरिक और मानसिक रूप से काफ़ी थक गई थी. मैं मैरी कॉम की तरह लगती भी नहीं हूं इसलिए मुझे डर भी लग रहा था.\"
बाजीराव के बारे में उन्होंने कहा, \"बाजीराव मस्तानी में मेरा किरदार बहुत ही संवेदनशील है. मैं जब भी इस किरदार के डायलॉग्स बोलती हूं तो मेरा दिल टूट जाता है. ये किरदार भी सदियों पुराना है तो इसके बोलने का तरीका, इसका हाव भाव सब बिल्कुल अलग है.\"
संजय लीला भंसाली निर्देशित \'बाजीराव मस्तानी\' प्रियंका चोपड़ा की पहली पीरियड फ़िल्म है.
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