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सती प्रथा का कर रहे थे गुणगान, 12 लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया केस

3 वर्ष पहले
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इंदौर। सती प्रथा का गुणगान करने के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों पर केस दर्ज किया है। मामला सेंधवा का है। यहां सती मंदिर बनाने के लिए रानी सती दादी मंदिर कमेटी लोगों से दान ले रही थी। इन पर सती प्रथा कालून 1987 के खिलाफ जाकर काम करने का आरोप है। मप्र में सती-प्रथा कानून में गिरफ्तारी का यह पहला मामला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

फरवरी में हुई थी शिकायत
रानी सती दादी मंदिर कमेटी द्वारा सेंधवा के किले में अवैध रूप से सती मंंदिर बना लिया गया है।  बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति संयोजक अजय मित्तल ने 4 फरवरी को इसकी शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि सेंधवा किले में अवैध सती मंदिर बना है और यहां मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है जो की गैर कानूनी है। सती प्रथा का गुणगान कानूनन जुर्म है। 


पुलिस ने जुटाए सबूत
शिकायत की जांच एएडीपीओ संजय मोरे कर रहे थे। उन्होंने मंदिर बनाने और चंदे के कागजात सबूत के तौर पर जुटाए। इस मामले में इंदौर हाईकोर्ट के पुराने आदेश के हवाले से कलेक्टर तेजस्वी नायक को नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इस नोटिस का जवाब नहीं दिया। नोटिस का जवाब नहीं देने पर नायक के खिलाफ हाईकोर्ट की अवमानना का मामला दर्ज िकया गया है।


यह है आरोपी
टीआई जेसी पाटीदार ने बताया कि कमेटी के लोगों द्वारा सती प्रथा का महिमामंडन किया जा रहा था। सती प्रथा का महिमामंडन करने पर अनूप गोयल पत्नी वंदना गोयल, मीना गोयल, प्रकाश अग्रवाल, कविता अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, कृति अग्रवाल, जितेन्द्र गर्ग और विपुल गोयल आदि के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

- पुलिस के मुताबिक इस अपराध में 1 से 7 साल तक कि सजा का प्रावधान है, वहीं 5 हजार से 30 हजार स्र्पए तक के जुर्माने का भी प्रावधान है।

 

ऐसा है मंदिर

जनवरी 2018 में सेंधवा किला परिसर में बने गुप्तेश्वर महादेव मंदिर की छत पर दादी परिवार ने सती का मंदिर निर्माण कराया है। यह मंदिर राजस्थान के झुंझुनू में स्थित सती दादी दरबार की प्रतिकृति है।

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