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डाउनलोड करेंसतनाली मंडी(हरियाणा). गांव श्यामपुरा के राजकीय उच्च विद्यालय में 6 माह से शिक्षकों का इंतजार है। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बेटियों को सड़क पर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। धरने के दौरान गर्मी के कारण पूनम, तमन्ना, मोनिका, प्रियांशु, पिंकी व आशा सहित दर्जनों छात्राएं बेहोश हो गईं। आनन-फानन में एंबुलेंस बुलवाई गई और उनको सतनाली सीएचसी में भर्ती करवाया गया। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि अगर उनकी बेटियों को कुछ बुआ तो वे इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग व सरकार की होगी।
6 माह पहले भी मिला था टीचर भेजने का आश्वासन
- मामले पर उच्चाधिकारियों के उदासीन रवैये से खफा विद्यालय के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का धैर्य आखिरकार मंगलवार को जवाब दे गया। उन्होंने स्कूल खुलने के समय ही लगभग सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल के गेट के सामने एकत्रित होकर विभाग व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही स्टाफ की नियुक्ति की मांग करते हुए स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया।
- सूचना पाकर पहुंची पुलिस टीम ने उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मौके पर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस द्वारा मामले की जानकारी शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई। तालाबंदी के 6 घंटे बाद पहुंचे डीईओ मुकेश लावणियां को अभिभावकों ने खूब खरी खोटी सुनाई। डीईओ ने देरी के लिए माफी मांगी और जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्त की बात कही।
इस पर महिलाओं ने कहा हमें आश्वासन नहीं शिक्षक चाहिए। आश्वासन तो आपने 6 माह पूर्व भी दिए थे, आज तक भी शिक्षक नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर आपके बस की बात नहीं हैं तो आप जा सकते हैं।
डीईओ बोली- स्कूल में पढ़ाने को तैयार हो तो आप नाम बताएं
इसके बाद उन्होंने स्थिति को देखते हुए मौके पर ही जिले के विभिन्न स्कूलों से अध्यापकों का डेपुटेशन सप्ताह में 4 दिन के लिए श्यामपुरा हाईस्कूल के लिए कर दिया।
इसके अलावा उन्होंने ग्रामवासियों को बताया कि अगर कोई रिटायर्ड शिक्षक जिसकी उम्र 65 वर्ष से कम है स्कूल में पढ़ाने को तैयार हो तो आप नाम बताएं। पोर्टल खुला हुआ है, उनकी नियुक्ति हो जाएगी। इससे की विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होगी और शिक्षकों की कमी भी पूरी हो जाएगी।
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