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'कुली' में अमिताभ को घूंसा मारकर मौत के करीब पहुंचाने के लिए दुनिया ने पुनीत इस्सर को विलेन करार दिया, कई फिल्में छिन गईं, 6 साल तक काम नहीं मिला, लेकिन खुद बिग बी ने जो किया वो देख पुनीत भी चौंक गए थे

'कुली' के सेट पर उस दिन असल में हुआ क्या था?

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 07:34 PM IST

एंटरटेनमेंट डेस्क. ये तो सबलोग जानते हैं कि फिल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान एक फाइट सीन में एक्टर पुनीत इस्सर ने अमिताभ को एक घूंसा मारा और उनकी आंत फट गई। अमिताभ को इसके बाद मौत से लड़ाई लड़नी पड़ी। लेकिन ये घूंसा लगा कैसे था? क्या पुनीत ने अमिताभ को जानबूझकर घूंसा मारा था। इस बात का जवाब खुद पुनीत इस्सर ने एक इंटरव्यू में दिया था। पुनीत इस्सर के बर्थडे (12 सितंबर) पर हम आपको बता रहे हैं उस दिन 'कुली' के सेट पर हुआ क्या था? पुनीत ने बताया था कि दरअसल फाइट सीट में उन्हें अमिताभ को घूंसा मारना था। पुनीत कराटे में 8TH डाउन ब्लैक बेल्टर थे। लंबी चौड़ी कद काठी थी। फाइट चल रही थी और अमिताभ एक बोर्ड से टकराकर आगे आए, उसी वक्त पुनीत का घूंसा चला...अगर अमिताभ बोर्ड से टकराने के बाद आगे नहीं आते तो घूंसे का वार इतना जोरदार नहीं होता। बहरहाल उन्हें घूंसा पड़ा औऱ उनकी आंत फट गई। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अमिताभ का इलाज चला और वे मौत से जंग जीतकर लौटे।

घूंसा पुनीत के करियर पर भी पड़ा
ये घूंसा तो पड़ा था अमिताभ को लेकिन चोट पुनीत इस्सर के करियर को भी लगी। उन्हें 'मर्द' जैसी कई फिल्मों से बाहर कर दिया गया। खुद पुनीत ने बताया था कि उन्हें करीब 6 साल तक किसी ने काम नहीं दिया। खासतौर पर उन्हें कोई विलेन का रोल देने के लिए तैयार नहीं था। लोग डरते थे कि अगर फिर कोई फाइट सीन हुआ तो न जाने क्या होगा। बकौल पुनीत - डायरेक्टरों प्रोड्यूसरों को इस बात से भी डर लगता था कि उन्हें काम देने से कहीं अमिताभ नाराज न हो जाएं.। हालांकि खुद अमिताभ के दिल में ऐसा कुछ नहीं था।

अमिताभ ने पुनीत को अस्पताल बुलाया था
लेकिन जब दुनिया ने पुनीत को विलेन मान लिया, इंडस्ट्री ने किनारा कर लिया उस वक्त अमिताभ ने जो दरियादिली दिखाई उसे याद कर पुनीत आज भी इमोशनल हो जाते हैं...अमिताभ ने ब्रीच कैंडी अस्पताल में पुनीत को बुलाया और कहा कि वो खुद को दोषी न मानें क्योंकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी। उस वक्त अमिताभ के गले में पाइप लगी थी। वो ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। इसके बावजूद अमिताभ ने पुनीत को एक किस्सा सुनाया। अमिताभ ने पुनीत को बताया कि प्रकाश मेहरा की एक फिल्म में विनोद खन्ना औऱ खुद उनके बीच एक फाइट सीन था। इस सीन में अमिताभ को विनोद खन्ना की ओर एक ग्लास फेंकना था। इस वक्त विनोद खन्ना को झुकना था। कई बार रिहर्सल भी हुई। लेकिन जब असल में सीन शूट हुआ तो विनोद झुके ही नहीं और शीशा सीधे जाकर उनके चेहरे से टकराया। इससे विनोद खन्ना को 7-8 स्टिच लगी। इस बात के लिए अमिताभ खुद को दोषी मान रहे थे लेकिन विनोद खन्ना ने अमिताभ को चीयरअप करते हुए कहा - चिंता न करो ये तुम्हारी गलती नहीं। ठीक इसी अंदाज में अमिताभ ने पुनीत को कहा कि वो घबराएं नहीं, क्योंकि जो हुआ वो उनकी गलती नहीं थी। इतना ही नहीं अमिताभ उस हालत में भी अपने बेड से उठ कर आए और पुनीत के कंधे पर हाथ रखते हुए अस्पताल के बाहर आए। ऐसा उन्होंने इसलिए किया ताकि वहां जमा मीडिया और इंडस्ट्री के लोग देख लें कि उन्हें अमिताभ से कोई शिकायत नहीं है। बहरहाल अमिताभ के इस सपोर्ट का ही नतीजा था कि ने पुनीत ने हिंदी समेत रिजनल भाषाओं में करीब 300 फिल्में की। टीवी सीरियल महाभारत में दुर्योधन का उनका किरदार तो यादगार हो गया।