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डाउनलोड करेंभोपाल. शहर के व्यस्त बोर्ड ऑफिस चौराहे पर शनिवार को चारों तरफ से ट्रैफिक बाधित किया गया। आंबेडकर जयंती के जलसे के लिए शुक्रवार रात से ही बेरिकेड्स लगा दिए गए। ऐसा पहली बार हुआ। ट्रैफिक पुलिस ने ज्योति टॉकीज चौराहा, प्रगति पेट्रोल पंप, डीबी मॉल चौराहा और सांची काॅम्प्लेक्स तिराहे से बोर्ड ऑफिस चौराहा तक आने रास्तों को बेरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया था। आईएसबीटी से चेतक ब्रिज तक बेरिकेड्स लगाए गए। इन रास्तों से आने वाले ट्रैफिक को अचानक डायवर्ट कर दिया गया।
सरकारी अवकाश होने के कारण ट्रैफिक रोज जैसा नहीं था मगर दिनभर आम लोगों काे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार देर रात तक दो से तीन किमी का चक्कर लगाकर घूमकर जाना पड़ा। जबकि इस बारे में सुप्रीम कोर्ट की साफ हिदायतें हैं कि किसी भी सूरत में आम लोगों को परेशानी नहीं होना चाहिए।
ट्रैफिक पुलिस की 3 बड़ी गलती
1 कार्यक्रम को पहले से अनुमति होने के बावजूद एक दिन पहले कोई ट्रैफिक प्लान जारी नहीं किया।
2 बोर्ड ऑफिस चौराहे की तरफ आने वाले लोगों को रास्ता बंद होने की पूर्व से सूचना नहीं थी। इसी कारण सुबह-सुबह रोजाना की तरह अपने रास्ते से आने वाले लोगों को अचानक रास्ता बंद मिलने के कारण काफी दिक्कत हुई।
3 जगह-जगह बेरिकेड्स इस अंदाज में लगाए गए जैसे कोई बड़ी आमसभा हो रही हो। लेकिन कहीं भी ट्रैफिक के जवान कुछ बता नहीं रहे थे कि इस स्तर पर इंतजाम करने की नौबत क्यों आई।
यह करना था
पुलिस ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर आने वाले दोनों तरफ के सभी रास्ते बंद कर दिए थे, जबकि पुलिस सिर्फ बोर्ड ऑफिस से लेकर सांची काॅम्प्लेक्स के बीच का रास्ता बंद करके काम चला सकती थी।
प्रशासन से सवाल.. हमें इजाजत क्यों नहीं दी
आरक्षण का विरोध कर रहे राष्ट्रीय संगठन समता आंदोलन एवं सपाक्स ने शनिवार को बोर्ड आॅफिस पर हुए आयोजन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। समता आंदोलन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि यह सरकार का दोहरा रवैया है। हमें शांतिपूर्वक मार्च की इजाजत तक नहीं दी गई। सपाक्स के संरक्षक पूर्व सूचना आयुक्त एचएल त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि सरकार की तुष्टिकरण की दोगली नीति है। सपाक्स के अध्यक्ष डॉ केएस तोमर का कहना है कि प्रशासन का दाेहरा रवैया ठीक नहीं।
सीधी बात : सुदाम पी खाडे, कलेक्टर
चौराहे पर धारा 144 में राहत दी, ट्रैफिक देखना पुलिस का काम
सवाल - बोर्ड ऑफिस चौराहा पर धारा 144 में राहत दी गई थी, लेकिन ट्रैफिक को चारों ओर से रोक दिया गया, ऐसा क्यों?
जवाब- अांबेडकर जयंती पारंपरिक कार्यक्रम है। इसलिए बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धारा 144 में राहत दी गई थी। रही बात ट्रैफिक इंतजाम की तो यह काम पुलिस का है। चारों ओर से ट्रैफिक रोकने के आदेश नहीं दिए गए थे।
सवाल - हर साल एक रोड को ब्लॉक किया जाता था, ताकि ट्रैफिक में आसानी होे। इस बार ऐसा क्यों नहीं किया गया?
जवाब- इस साल भीड़ ज्यादा थी। हमारे और पुलिस के इंतजाम पर्याप्त थे।
सवाल - सपाक्स ने 7 अप्रैल को कैंडल मार्च की अनुमति मांगी थी, अनुमति क्यों नहीं दी गई?
जवाब- 7 से 10 तारीख तक माहौल को देखते हुए किसी भी संस्था को अनुमति नहीं दी गई।
ट्रैफिक नहीं रोका
एएसपी ट्रैफिक पुलिस महेंद्र जैन ने बताया कि ऐहतियात के लिए बेरिकेड्स लगाए थे। जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है।
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