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डाउनलोड करेंइंदौर. नगर निगम ने साढ़े चार करोड़ रुपए खर्च कर शहर के तीन स्कूलों की नई इमारतें बनाई थीं, वह कुछ साल में ही दरकने लगी हैं। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जगह-जगह से प्लास्टर गिर रहा है। ठेकेदार खराब क्वालिटी का काम करके चला गया, निगम अफसर उससे सुधार नहीं करवा पा रहे। बच्चे डर के बीच पढ़ाई कर रहे हैं।
स्टाफ रूम की हर दीवार में दरार
- 2012-13 में निर्माण हुआ।
- 80 लाख की लागत में बना स्कूल।
- 750 छात्राएं करती हैं पढ़ाई।
शारदा कन्या विद्यालय : स्कूल में नगर निगम ने नए 24 कमरे बनाए थे। दूसरी मंजिल पर अब भी कुछ काम चल रहा है। कमरों में बार-बार दरारें आने से परेशान स्कूल प्रबंधन ने फिर से प्लास्टर करवाया है। स्टाफ रूम की हालत तो ऐसी है कि उसमें चारों तरफ से प्लास्टर गिर रहा है। प्राचार्य शीला शर्मा ने बताया कि जिस हिस्से में टूट-फूट हुई थी, उसे ठीक करवा दिया है। निगम को यहां की परेशानियों से अवगत करवा रहे हैं।
कॉलम का ज्वॉइंट भी टूटकर गिरा
- 2016 में निर्माण।
- 70 लाख लागत।
- 250 छात्राएं करती हैं पढ़ाई।
मालव कन्या विद्यालय : सिर्फ डेढ़ साल पहले ये भवन स्कूल को मिला। इसमें अभी से चारों तरफ दरारें पड़ रही हैं। फर्श धंस गए हैं और कक्षाओं में प्लास्टर गिर रहा है। बाहर और भीतर दोनों तरफ बड़ी-बड़ी दरारें हो गई हैं। शिक्षक बताते हैं कि क्लास चलते समय डरते हैं कि कहीं प्लास्टर छात्राओं पर न गिर जाए। प्राचार्य कल्पना गांधी ने बताया कि नगर निगम को चिट्ठी लिखेंगी।
स्कूल की नींव ही हो रही कमजोर
- 2012 में निर्माण।
- 03 करोड़ लागत।
- 400 छात्र करते हैं पढ़ाई।
सुभाष हायर सेकंडरी स्कूल : नगर निगम ने शारदा और सुभाष स्कूल के नए भवन का निर्माण एक साथ किया था। परिसर में तीन स्कूल लगते हैं। दो मंजिला भवन की खिड़की-दरवाजे टूट रहे हैं। अगले हिस्से में हुआ निर्माण भी बिखर गया है। कई जगह से टाइल्स उखड़ रही है। नींव वाले हिस्सा भी टूटने लगा है।
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